
डिफेंडिंग चैंपियन भारत घरेलू मैदान पर होने वाले T20 वर्ल्ड कप को जीतने का बड़ा दावेदार है, लेकिन लगभग एक अरब प्रशंसकों की उम्मीदों के दबाव के चलते मुख्य कोच गौतम गंभीर कड़ी निगरानी में रहेंगे।
शनिवार को सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत, मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ मुकाबले से अपने अभियान की शुरुआत करेगा। यह टूर्नामेंट के दसवें संस्करण के पहले दिन का आखिरी मैच होगा, जिसकी शुरुआत पहले ही कई विवादों से घिरी रही है।
सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने पिछले महीने भारत में खेलने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। बांग्लादेश के बाहर होने के विरोध में पाकिस्तानी सरकार ने इस हफ्ते अपनी टीम को 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ ग्रुप ए का मैच खेलने से मना कर दिया।
इस बहिष्कार के कारण ग्रुप स्टेज का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा कमाई वाला मुकाबला नहीं हो पाएगा, लेकिन इसके बावजूद भारत की स्थिति मजबूत बनी हुई है। अगर पाकिस्तान नीदरलैंड्स, नामीबिया और अमेरिका के खिलाफ कोई बड़ी गलती नहीं करता, तो वह भी पांच टीमों वाले ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सुपर-8 में पहुंच सकता है।
हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ 4-1 की सीरीज जीत के बाद, शीर्ष रैंक वाली भारतीय टीम ने टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। यह भारत की लगातार आठवीं T20 द्विपक्षीय सीरीज जीत थी। हालांकि, दूसरे फॉर्मेट्स में घरेलू हार ने कोच गौतम गंभीर की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने भारत को टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराया था, जबकि न्यूजीलैंड ने वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी। 2024 T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद 44 वर्षीय गंभीर ने राहुल द्रविड़ की जगह कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। तब से भारत उनके कार्यकाल में 19 टेस्ट मैचों में से 10 हार चुका है।
अगर भारत 20 टीमों वाले इस टूर्नामेंट में असफल रहता है, तो अटकलें लगाई जा रही हैं कि पूर्व बल्लेबाज़ और वर्ल्ड कप विजेता गंभीर की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।
यह भारत का पहला T20 वर्ल्ड कप होगा, जो विराट कोहली और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास के बाद खेला जा रहा है। दोनों ने 2024 में बारबाडोस में खिताब जीतने के बाद T20 क्रिकेट से विदाई ली थी। अब तक कोई भी टीम लगातार दो T20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई है, ऐसे में भारत को इतिहास रचना होगा। इससे पहले महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में जोहान्सबर्ग में पहला T20 वर्ल्ड कप जीता था।
रोहित शर्मा की जगह आक्रामक ओपनर अभिषेक शर्मा ने ली है, जिनका स्ट्राइक रेट 194 से ज्यादा है। 25 वर्षीय यह बाएं हाथ का बल्लेबाज़ शानदार फॉर्म में है और उसने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की ओर से दूसरी सबसे तेज़ फिफ्टी सिर्फ 14 गेंदों में जड़ी थी।
ईशान किशन की वापसी से बल्लेबाज़ी क्रम और मजबूत हुआ है, जबकि कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खराब फॉर्म से उबरते हुए एक ही सीरीज में तीन अर्धशतक लगाए।
गेंदबाज़ी में जसप्रीत बुमराह के नेतृत्व में तेज़ आक्रमण को युवा मीडियम पेसर हर्षित राणा से मजबूती मिली है। बुमराह, राणा और अर्शदीप सिंह तेज़ गेंदबाज़ी संभालेंगे, जबकि हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे ऑलराउंडर की भूमिका में होंगे।
बल्लेबाज़ तिलक वर्मा ने सोमवार को USA के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में अपनी फिटनेस साबित की, वहीं चोट से उबर रहे वॉशिंगटन सुंदर के भी फिट होने की उम्मीद है।








