
रविवार को अहमदाबाद में टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 मुकाबले में भारत की टीम दक्षिण अफ्रीका की मजबूत और आक्रामक टीम से भिड़ेगी। इस मैच में कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की नई रणनीति — बड़े शॉट्स लगाने के बजाय पारी को संभालकर खेलने की सोच — की कड़ी परीक्षा होने वाली है।
डिफेंडिंग चैंपियन भारत अच्छी तरह जानता है कि प्रोटीज टीम के पास कागिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, मार्को यानसेन, केशव महाराज और एडन मार्करम जैसे घातक गेंदबाज़ हैं, जो किसी भी बल्लेबाज़ी क्रम को तहस-नहस कर सकते हैं।
पिछले दो महीनों में दोनों टीमें छठी बार आमने-सामने होंगी और यह कहना मुश्किल है कि यह जान-पहचान किसके पक्ष में जाएगी। ग्रुप स्टेज में भारत को ज्यादा कड़ी चुनौती नहीं मिली, लेकिन टीम को यह भी पता है कि उसकी बल्लेबाज़ी उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरी है।
ओपनर ईशान किशन को छोड़ दें — जिनके नाम दो अर्धशतक और 202 का स्ट्राइक रेट है — तो टॉप चार के बाकी बल्लेबाज़ खास असर नहीं छोड़ पाए हैं।
अभिषेक शर्मा लगातार तीन शून्य पर आउट होकर पूरी तरह रन के लिए तरस रहे हैं। सूर्यकुमार और तिलक भले ही एंकर की भूमिका को सही ठहराएं, लेकिन जिन पिचों पर गेंद रुककर आ रही है, वहां दोनों ज्यादा सहज नहीं दिखे हैं।
हार्दिक पांड्या (155 का स्ट्राइक रेट) और शिवम दुबे (178 का स्ट्राइक रेट) ही भारत को तेजी से रन दिला रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या कप्तान मार्करम पावरप्ले में ऑफ स्पिन का इस्तेमाल करेंगे, खासकर जब अभिषेक लगातार दो बार ऑफ स्पिनरों का शिकार बने हैं।
तिलक की धीमी बल्लेबाज़ी भी चिंता का विषय है — पाकिस्तान के खिलाफ 25 (24 गेंद), नामीबिया के खिलाफ 25 (21 गेंद) और नीदरलैंड्स के खिलाफ 31 (27 गेंद)। टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट 120 से थोड़ा ऊपर है, जबकि करियर औसत 141 का है।
सूर्यकुमार भी पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ खुलकर नहीं खेल पाए। सिर्फ अमेरिका के खिलाफ उनका 49 गेंदों में नाबाद 84 रन का प्रदर्शन ही चमका। टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट 136 है, जो उनके करियर स्ट्राइक रेट 163 से काफी कम है।
ऐसी पिचों पर जहां रन बनाना मुश्किल हो, भारत जैसे आक्रामक सोच वाली टीम के लिए दो धीमे बल्लेबाज़ महंगे साबित हो सकते हैं। टी20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में कभी-कभी ज्यादा सतर्कता नुकसान भी पहुंचा सकती है।
हालांकि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी गेंदबाज़ी है। जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती के आठ ओवर किसी भी टीम के लिए खौफ का कारण बनते हैं। बुमराह तीन मैचों में सिर्फ 6 रन प्रति ओवर दे रहे हैं, जबकि चक्रवर्ती चार मैचों में 9 विकेट लेकर 5.16 की शानदार इकॉनमी से गेंदबाज़ी कर चुके हैं।
पहले दौर में कोई भी टीम — यहां तक कि पाकिस्तान भी — इस जोड़ी को सही से नहीं खेल पाई।
लेकिन अब भारत को क्विंटन डी कॉक, मार्करम, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, रयान रिकेल्टन, डेविड मिलर और मार्को यानसेन जैसे खतरनाक बल्लेबाज़ों से भरी फॉर्म में चल रही दक्षिण अफ्रीकी बैटिंग लाइनअप का सामना करना होगा। इस मैच का असर पूरे टूर्नामेंट में भारत के सफर पर पड़ सकता है।
भारत की टीम में अक्षर पटेल की वापसी तय मानी जा रही है, जबकि कुलदीप यादव को अर्शदीप सिंह की जगह मौका मिल सकता है। दक्षिण अफ्रीका की ओर से यानसेन, एनगिडी और महाराज की वापसी होगी।
टीमें:
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, संजू सैमसन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह
दक्षिण अफ्रीका: एडन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, मार्को यानसेन, कागिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, केशव महाराज, कॉर्बिन बॉश, एनरिच नॉर्टेज, क्वेना माफाका, जॉर्ज लिंडे, जेसन स्मिथ








