टी20 वर्ल्ड कप: आईसीसी ने भारत से बांग्लादेश के मैच श्रीलंका शिफ्ट करने की बीसीबी की मांग खारिज की!

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बुधवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपनी टीम के टी20 वर्ल्ड कप के मैच भारत से श्रीलंका स्थानांतरित करने की अपील की थी। आईसीसी ने कहा कि मैच तय कार्यक्रम के अनुसार ही भारत में होंगे, क्योंकि किसी भी वेन्यू पर बांग्लादेशी खिलाड़ियों, अधिकारियों या दर्शकों की सुरक्षा को लेकर कोई वास्तविक खतरा नहीं पाया गया है।

बीसीबी की चिंताओं और स्थान परिवर्तन की मांग के बाद, आईसीसी बोर्ड ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए स्थिति की समीक्षा की और यह फैसला लिया।

आईसीसी ने अपने बयान में कहा, “आईसीसी बोर्ड ने नोट किया कि मौजूदा परिस्थितियों में मैचों को स्थानांतरित करना आईसीसी आयोजनों की पवित्रता को नुकसान पहुँचा सकता है और एक वैश्विक शासी निकाय के रूप में संगठन की निष्पक्षता को कमजोर कर सकता है।”

आईसीसी के अनुसार, कई सुरक्षा आकलनों और स्वतंत्र रिपोर्टों की समीक्षा के बाद बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि बांग्लादेशी क्रिकेटरों के लिए कोई वास्तविक खतरा नहीं है।

आईसीसी सूत्रों के मुताबिक, 16 में से 14 सदस्यों ने बीसीबी की स्थान परिवर्तन की मांग के खिलाफ वोट दिया। केवल बांग्लादेश और पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि बाकी सभी सदस्य इसके विरोध में थे।

पीटीआई के हवाले से एक आईसीसी सूत्र ने कहा, “बीसीबी को 21 जनवरी तक अपनी भागीदारी की पुष्टि करनी थी, लेकिन अब आईसीसी बोर्ड ने उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक अतिरिक्त दिन और दिया है।”

आईसीसी ने यह भी कहा कि इस अंतिम चरण में कार्यक्रम में बदलाव करना संभव नहीं है और बिना किसी प्रमाणित सुरक्षा खतरे के ऐसा करना भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए एक ‘अवांछनीय मिसाल’ बन सकता है।

आईसीसी ने बताया कि हाल के हफ्तों में उसने कई बैठकों और पत्रों के जरिए बीसीबी को टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी थी। इसमें हर वेन्यू के अनुसार तैयार की गई योजनाएँ और राज्य व केंद्र सरकार की बहुस्तरीय सुरक्षा गारंटियाँ शामिल थीं।

आईसीसी के एक अधिकारी के अनुसार, “स्वतंत्र सुरक्षा आकलन, व्यापक वेन्यू-स्तरीय सुरक्षा योजनाएँ और मेजबान प्रशासन की औपचारिक गारंटियाँ लगातार इस निष्कर्ष पर पहुँची हैं कि भारत में बांग्लादेश टीम की सुरक्षा को लेकर कोई विश्वसनीय या प्रमाणित खतरा नहीं है।”

हालांकि, आईसीसी ने चिंता जताई कि बीसीबी अपनी भागीदारी को एक “एकल, अलग-थलग और असंबंधित घटना” से जोड़ता रहा है, जो उसके एक खिलाड़ी की घरेलू लीग में भागीदारी से जुड़ी थी। आईसीसी ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे का टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है।

आईसीसी ने दोहराया कि वेन्यू और शेड्यूल से जुड़े फैसले वस्तुनिष्ठ खतरे के आकलन, मेजबान देशों की गारंटी और सभी 20 टीमों पर लागू भागीदारी शर्तों के आधार पर ही लिए जाते हैं।

आईसीसी प्रवक्ता ने कहा, “किसी भी स्वतंत्र सुरक्षा रिपोर्ट के अभाव में, जो वास्तव में सुरक्षा को प्रभावित करती हो, आईसीसी मैच स्थानांतरित नहीं कर सकता। ऐसा करना अन्य टीमों और दुनियाभर के प्रशंसकों के लिए गंभीर लॉजिस्टिक समस्याएँ पैदा करेगा और आईसीसी की निष्पक्षता, न्याय और अखंडता को भी कमजोर करेगा।”

बीसीबी को अब अंतिम 24 घंटे का समय दिया गया है ताकि वह आईसीसी को अपनी स्थिति बताए और यह स्पष्ट करे कि क्या उसे भारत आने के लिए सरकार की अनुमति मिली है या नहीं।

वर्तमान स्थिति के अनुसार, यदि बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटता है तो ग्रुप C में उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया जा सकता है। स्कॉटलैंड यूरोपीय क्वालिफिकेशन में नीदरलैंड्स, इटली और जर्सी के बाद रहा था, लेकिन 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया था।

इस बैठक में आईसीसी अध्यक्ष जय शाह सहित कई सदस्य देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इनमें बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, श्रीलंका क्रिकेट अध्यक्ष शम्मी सिल्वा, पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन माइक बेयर्ड, ज़िम्बाब्वे क्रिकेट अध्यक्ष तवेंगा मुकुहलानी, वेस्टइंडीज क्रिकेट अध्यक्ष किशोर शैलो, क्रिकेट आयरलैंड के चेयर ब्रायन मैकनीस, न्यूज़ीलैंड क्रिकेट प्रतिनिधि रोजर ट्वोज़, ईसीबी चेयर रिचर्ड थॉम्पसन, क्रिकेट साउथ अफ्रीका के प्रतिनिधि मोहम्मद मूसा जी और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड अध्यक्ष मिरवाइस अशरफ शामिल थे।