
हाल ही में समाप्त हुए टी20 वर्ल्ड कप में, जो भारत और श्रीलंका में चार हफ्तों तक चला, बहुत कम लोगों ने गेंदबाज़ों की इतनी बुरी हालत की भविष्यवाणी की थी। हालांकि टी20 फॉर्मेट को पहले से ही बल्लेबाज़ों के अनुकूल माना जाता है, लेकिन इस बार हालात और भी ज्यादा एकतरफा दिखे।
20 टीमों वाले इस टूर्नामेंट ने पावर हिटिंग का तेज़ और रोमांचक प्रदर्शन पेश किया, जिसने इस फॉर्मेट में “पर स्कोर” की परिभाषा और रन बनाने की सीमा को ही बदलकर रख दिया।
इस साल के टूर्नामेंट में कुल 780 छक्के लगाए गए, जो 2024 में वेस्टइंडीज और अमेरिका में खेले गए टूर्नामेंट के 517 छक्कों से 50.87% ज्यादा हैं।
टूर्नामेंट में बने 250 से अधिक के चार स्कोरों में से तीन अकेले भारत ने बनाए। वहीं 200 रन का आंकड़ा रिकॉर्ड 14 बार पार किया गया।
दोनों मेजबान देशों में सपाट पिचों और बल्लेबाज़ों के निडर रवैये के कारण सामूहिक स्ट्राइक रेट 134 तक पहुंच गया, जो टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे अधिक है और यह दिखाता है कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बल्लेबाज़ी किस दिशा में जा रही है।
अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में जब भारत ने 255/5 का विशाल स्कोर बनाया, तो इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “शानदार हिटिंग… लेकिन सच कहें तो बल्लेबाज़ और गेंद के बीच संतुलन अब निष्पक्ष नहीं रहा।”
हालांकि न्यूजीलैंड के कोच रॉब वाल्टर का मानना है कि अगर दर्शक इस तरह के खेल से रोमांचित हो रहे हैं तो इसकी शिकायत करना सही नहीं है।
उन्होंने कहा, “आखिरकार यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप मनोरंजन को कैसे देखते हैं। दुनिया भर में यही रुझान दिख रहा है कि लोग ज्यादा रन देखना चाहते हैं। हालांकि मैं मानता हूं कि मुकाबला बराबरी का होना चाहिए।”
मैदान के बाहर भी चौकों और छक्कों के प्रति लोगों का उत्साह साफ दिखाई दिया। आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने एक्स पर बताया कि मुंबई में खेले गए भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल ने डिजिटल रिकॉर्ड तोड़ दिया, जहां एक समय पर 6.52 करोड़ दर्शक लाइव देख रहे थे—जो किसी भी लाइव इवेंट के लिए वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा है।
रॉब वाल्टर ने आगे कहा, “आजकल बल्ले बहुत अच्छे हो गए हैं। खिलाड़ी दूर तक गेंद मारने की लगातार प्रैक्टिस करते हैं और जब पिचें गेंदबाज़ों को ज्यादा मदद नहीं देतीं तो उनके लिए हालात मुश्किल हो जाते हैं। लेकिन अगर खेल इसी दिशा में जा रहा है तो गेंदबाज़ों को अपने कौशल को तेजी से विकसित करना होगा।”
इस संदर्भ में भारत के तेज गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह गेंदबाज़ों के लिए एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरे। टी20 वर्ल्ड कप में तीसरी बार उन्होंने 100 से ज्यादा गेंदें फेंकने वाले गेंदबाज़ों में सबसे कम इकॉनमी (6.21) रखी। यह दिखाता है कि बेहतरीन कौशल होने पर सपाट पिचों पर भी रन रोके जा सकते हैं।
भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बुमराह की तारीफ करते हुए कहा, “बुमराह एक पीढ़ी में एक बार पैदा होने वाले गेंदबाज़ हैं। मैं उन्हें राष्ट्रीय धरोहर कह सकता हूं। उन्हें पता है कि काम कैसे करना है। वह इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज़ हैं।”








