
रविवार को नाबाद 97 रन की यादगार पारी खेलकर भारत को टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचाने वाले संजू सैमसन ने कहा कि उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने की कला विराट कोहली, रोहित शर्मा और एमएस धोनी जैसे महान खिलाड़ियों को देखकर सीखी है।
मैच के बाद प्रसारक से बातचीत में सैमसन ने कहा, “मैं इस फॉर्मेट को काफी लंबे समय से खेल रहा हूं। करीब 10–12 साल से आईपीएल खेल रहा हूं और पिछले 10 साल से देश के लिए भी जुड़ा हूं। हर मैच में खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन डगआउट से बैठकर विराट कोहली, रोहित शर्मा और बाकी महान खिलाड़ियों को देखकर बहुत कुछ सीखा है।”
उन्होंने आगे कहा, “देखना, समझना और सीखना बहुत जरूरी है। मैंने गौर किया कि वे मैच को कैसे खत्म करते हैं और हालात के मुताबिक अपना खेल कैसे बदलते हैं। मैंने भले ही 50–60 मैच खेले हों, लेकिन लगभग 100 मैच देखे हैं। वही अनुभव आज काम आया।”
सैमसन ने माना कि रनचेज़ के दौरान ‘अगर नहीं हुआ तो?’ जैसे सवाल दिमाग में आते रहते हैं, लेकिन उन्होंने खुद को वर्तमान में बनाए रखा।
“हमेशा दिमाग में सवाल आता है—क्या होगा अगर नहीं हुआ? लेकिन जब भी यह ख्याल आया, मैंने खुद को वर्तमान में वापस लाया। बस गेंद को देखा और उसी के मुताबिक प्रतिक्रिया दी। आज वह तरीका काम कर गया,” सैमसन ने कहा।
सैमसन की 50 गेंदों पर 12 चौकों और 4 छक्कों से सजी नाबाद 97 रन की पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सुरेश रैना के 2010 टी20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 101 रन के बाद, सैमसन का यह 97* अब टी20 विश्व कप इतिहास में भारत का दूसरा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। उन्होंने इसे अपने जीवन के सबसे खास दिनों में से एक बताया।
सैमसन ने भावुक होकर कहा, “यह मेरे लिए पूरी दुनिया जैसा है। जिस दिन से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया और देश के लिए खेलने का सपना देखा, मैं इसी दिन का इंतजार कर रहा था।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं बहुत आभारी हूं। मेरा सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। कई बार खुद पर शक किया— क्या मैं कर पाऊंगा? लेकिन मैंने भरोसा नहीं छोड़ा। भगवान का शुक्रिया कि आज यह दिन देखने को मिला। यह मेरे जीवन के सबसे महान दिनों में से एक है।”








