टी20 वर्ल्ड कप: क्या वरुण चक्रवर्ती का ‘मिस्ट्री स्पिन’ अब जान लिया गया है?

अगर किसी मिस्ट्री स्पिनर को लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला जाए, तो क्या उसकी रहस्यमयी पहचान बनी रहती है? इस पर बहस हो सकती है, लेकिन इतना तय है कि अब टॉप बल्लेबाज़ न सिर्फ वरुण चक्रवर्ती के हाथ से निकलती गेंदों को समझने लगे हैं, बल्कि टीमों के कोच भी उनके खिलाफ साफ रणनीति बना चुके हैं।

दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड जैसी मजबूत टीमों ने तमिलनाडु के इस गेंदबाज़ के खिलाफ खासा अच्छा प्रदर्शन किया है। सिर्फ पाकिस्तान एक अपवाद है, क्योंकि वह न तो आईपीएल खेलता है और न ही भारत के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज़ में नियमित तौर पर उतरता है।

इन दोनों टीमों के खिलाफ पिछले पांच मैचों में — जिसमें रविवार का टी20 वर्ल्ड कप सुपर-8 मुकाबला भी शामिल है — वरुण ने 20 ओवर में 208 रन लुटा दिए हैं। हालांकि उन्होंने 9 विकेट जरूर लिए, लेकिन उनकी इकॉनमी रेट 10.40 रही, जो उनके करियर की औसत 7.11 से कहीं ज्यादा है।

तो आखिर डेविड मिलर, डेवाल्ड ब्रेविस, ग्लेन फिलिप्स और फिन एलन जैसे बल्लेबाज़ उनके खिलाफ सफल क्यों हो रहे हैं?

असल में जो बड़े खिलाड़ी आईपीएल खेलते हैं, वे अब वरुण को एक ऐसे ऑफ स्पिनर की तरह खेलने लगे हैं जिसकी गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाज़ की ओर अंदर आती है। वहीं एसोसिएट देशों के बल्लेबाज़ अभी भी उन्हें पढ़ने में संघर्ष कर रहे हैं।

खुद वरुण चक्रवर्ती भी हाल के इंटरव्यू में मान चुके हैं कि अब वह साइड-स्पिन के मुकाबले ओवर-स्पिन पर ज्यादा ध्यान देते हैं।

जो लोग नहीं जानते, उनके लिए बता दें कि ओवर-स्पिन में गेंद हवा में आगे की ओर घूमती है, जिससे पिच पर गिरने के बाद उछाल ज्यादा मिलता है और गेंद तेजी से ऊपर आती है। जबकि साइड-स्पिन होने पर गेंद दाएं या बाएं दिशा में मुड़ती है।

अगर वरुण की ग्रिप के वीडियो देखें, तो वह ज़्यादातर गुगली या कैरम बॉल डालते हैं, जिसे ब्रेविस जैसे बल्लेबाज़ अब एक तरह की ऑफ-ब्रेक की तरह खेलने लगे हैं। कैरम बॉल में ओवर-स्पिन ज्यादा होती है, और जब पिच पर ज्यादा पकड़ नहीं होती, तो बल्लेबाज़ों को उसे खेलना आसान पड़ता है।

यानी कुल मिलाकर, वरुण की ‘मिस्ट्री’ अब धीरे-धीरे सुलझती दिख रही है — और बड़े बल्लेबाज़ इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं।