टी20 वर्ल्ड कप: पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों ने भारत की ‘प्रोसेस-ड्रिवन’ क्रिकेट प्रणाली की सराहना की!

पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटरों, खिलाड़ियों और विश्लेषकों ने भारत की लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीत की सराहना की है, हालांकि यह प्रशंसा कुछ हद तक अनिच्छा के साथ भी दिखाई दी।

पूर्व टेस्ट कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जावेद मियांदाद का मानना है कि जो टीम सेमीफाइनल और फाइनल में 250 से ज्यादा रन बना सके, वही खिताब जीतने की हकदार होती है।

अहमदाबाद में रविवार रात खेले गए फाइनल में भारत ने 255/5 का विशाल स्कोर बनाने के बाद न्यूज़ीलैंड को 96 रन से हराया।

मियांदाद ने कहा, “भारत की टीम अब एक मजबूत और व्यवस्थित क्रिकेट ढांचे का फायदा उठा रही है। अगर आप देखें कि वे किस तरह के खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं, तो यह उनके मजबूत सिस्टम की वजह से है। उनके पास बल्लेबाजों, स्पिनरों और तेज गेंदबाजों की कमी नहीं है और उनके युवा खिलाड़ी परिणाम देने वाले और खेल की अच्छी समझ रखने वाले हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी टीम के ड्रेसिंग रूम में जीतने का माहौल और मानसिकता बन जाती है, तो वह लगातार चैंपियनशिप जीतती है। उन्होंने याद किया कि पाकिस्तान की टीम में भी कभी ऐसा माहौल था और तब टीम लगातार जीतती थी।

पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने कहा कि भारत की जीत चौंकाने वाली नहीं है क्योंकि उनके खिलाड़ी बड़े मैचों के दबाव में खेलने के आदी हो चुके हैं।

उन्होंने कहा, “जब कोई टीम लगातार बड़े टूर्नामेंटों के फाइनल तक पहुँचती है, तो खिलाड़ी जीतने के आदी हो जाते हैं।”

लतीफ के अनुसार, पाकिस्तान के मुकाबले भारत की सफलता का बड़ा कारण निरंतरता और स्थिरता है, जबकि पाकिस्तान में बार-बार बदलाव और अधीरता ने कई समस्याएं पैदा की हैं।

क्रिकेट विश्लेषक और लेखक डॉ. नौमान नियाज़ ने कहा कि फाइनल में भारत के प्रदर्शन ने उन्हें यह दिखाया कि भारतीय खिलाड़ी आधुनिक टी20 क्रिकेट के बदलावों के अनुसार खुद को कितनी अच्छी तरह ढाल चुके हैं।

उन्होंने कहा, “भारत की सफलता युवा साहसी खिलाड़ियों और अनुभवी खिलाड़ियों के सही मिश्रण पर आधारित है। फाइनल में जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने जरूरत के समय बेहतरीन प्रदर्शन किया।”

पूर्व टेस्ट गेंदबाज सिकंदर बख्त ने कहा कि जब तक पाकिस्तान क्रिकेट में पसंद-नापसंद की संस्कृति और गलत कप्तानी व चयन फैसले जारी रहेंगे, तब तक टीम बड़े टूर्नामेंटों में मजबूत टीमों के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी।

उन्होंने कहा, “हमें अपनी नाकामियों के लिए बहाने ढूंढना बंद करना होगा और सही फैसले लेने होंगे।”

पूर्व टेस्ट बल्लेबाज और पूर्व मुख्य चयनकर्ता मोहम्मद वसीम ने कहा कि पाकिस्तान को भारत की श्रेष्ठता स्वीकार करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “हम अक्सर भारत से हारने या उनके बड़े टूर्नामेंट जीतने पर साजिश की बातें करने लगते हैं। हमें यह बंद करना होगा और मानना होगा कि उनकी टीम बहुत मजबूत है। हमें अपनी गलतियों से सीखकर खुद को बेहतर बनाना चाहिए।”

पूर्व मुख्य कोच मोहसिन खान ने कहा कि भारत का टेस्ट और रेड-बॉल क्रिकेट पर ध्यान खिलाड़ियों को मजबूत और अनुभवी बना रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय खिलाड़ियों में असुरक्षा की भावना नहीं दिखती, शायद इसलिए क्योंकि उनका क्रिकेट बोर्ड आर्थिक रूप से खिलाड़ियों का बहुत अच्छे से ध्यान रखता है।

वहीं, पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भारत की सफलता का श्रेय उनकी दीर्घकालिक रणनीति और मजबूत ढांचे को दिया।

अख्तर ने कहा, “भारत ने साबित किया है कि वे सही दिशा में सोच रहे हैं और सही समय पर सही खिलाड़ियों को मौके दे रहे हैं। जिस गति से भारत आगे बढ़ रहा है, अपने सिस्टम में निवेश कर रहा है और अपने पुराने क्रिकेटरों का सम्मान करता है, वह काबिल-ए-तारीफ है।”