
रविवार को होने वाले टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की नजरें अपने तीसरे खिताब पर होंगी और इस मिशन में जसप्रीत बुमराह टीम के सबसे बड़े हथियार माने जा रहे हैं। अपनी सटीक यॉर्कर डालने की क्षमता के कारण वह देश के एक अरब से अधिक क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदों का बोझ अपने कंधों पर लेकर मैदान में उतरेंगे।
टीम की सफलता, खासकर गुरुवार को मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए हाई-स्कोरिंग सेमीफाइनल में मिली करीबी जीत, काफी हद तक बुमराह की डेथ ओवरों की शानदार गेंदबाजी का नतीजा रही।
जब भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 18वां ओवर बुमराह को सौंपा, तब इंग्लैंड को रिकॉर्ड 254 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 18 गेंदों में 45 रन चाहिए थे। उस समय जैकब बेथेल लगातार छक्के लगा रहे थे।
उस ओवर में बेथेल और सैम करन केवल 6 रन ही बना सके। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज बुमराह ने तीन बेहतरीन यॉर्कर, दो लो फुल टॉस और एक फुल गेंद डाली। बेथेल की 105 रन की शानदार पारी के बावजूद इंग्लैंड को सिर्फ 7 रन से हार का सामना करना पड़ा। उस मुकाबले में यह ओवर निर्णायक साबित हुआ, खासकर तब जब पूरे मैदान में गेंदबाजों की जमकर पिटाई हो रही थी।
वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए उस मैच में कुल 499 रन बने। बुमराह ने अपनी अनोखी फ्रंट-ऑन स्लिंगशॉट शैली से गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 1 विकेट लेकर 33 रन दिए।
2016 में भारत के लिए डेब्यू करने के बाद से “बूम बूम बुमराह” के नाम से मशहूर इस अनुभवी गेंदबाज ने 94 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 6.55 की इकॉनमी से 117 विकेट लिए हैं। रविवार को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले फाइनल में वह अपने ही होमटाउन में खेलेंगे। भारत की कोशिश होगी कि वह अपने घर में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बने और साथ ही खिताब को डिफेंड भी करे।
बुमराह ने बचपन में अहमदाबाद में अपने घर के पास एक छोटे से पार्किंग एरिया में अभ्यास करते हुए अपनी अनोखी गेंदबाजी शैली विकसित की थी। 2022 और 2023 में पीठ की गंभीर चोट के कारण उनका करियर खतरे में पड़ गया था, लेकिन उन्होंने पिछले साल भारतीय टीम में शानदार वापसी की।
2024 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भी बुमराह ने अहम भूमिका निभाई थी, जब उन्होंने बारबाडोस में दक्षिण अफ्रीका को आखिरी 30 गेंदों में 30 रन बनाने से रोककर भारत को जीत दिलाई थी।
लगभग एक दशक से वह अपने आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस के लिए भी अहम खिलाड़ी रहे हैं, जहां से उनकी प्रतिभा पहली बार दुनिया के सामने आई।
न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज और भारत के पूर्व कोच जॉन राइट ने 2013 में गुजरात से बुमराह को स्काउट करके मुंबई इंडियंस में शामिल किया था। उसी साल मुंबई इंडियंस ने अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था।
अपने डेब्यू मैच में बुमराह ने आरसीबी के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को आउट किया था और उसके बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।








