
रविवार को टी20 वर्ल्ड कप में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत से 61 रन की शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज़ बाबर आज़म जबरदस्त आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। देश के कई पूर्व क्रिकेटरों ने न सिर्फ बाबर, बल्कि कुछ अन्य सीनियर खिलाड़ियों को भी टीम से बाहर करने की मांग कर दी है।
कोलंबो में खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में पूर्व कप्तान बाबर आज़म, अनुभवी स्पिनर शादाब खान और तेज़ गेंदबाज़ी के अगुवा शाहीन शाह अफरीदी — तीनों ही उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। वहीं भारत की ओर से युवा ओपनर इशान किशन (40 गेंदों में 77 रन) ने पाकिस्तान के गेंदबाज़ों की धज्जियाँ उड़ा दीं, और भारतीय तेज़ व स्पिन आक्रमण ने पाक बल्लेबाज़ों को पूरी तरह जकड़ लिया।
पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने कड़ा बयान देते हुए कहा, “अगर यह मेरे हाथ में होता, तो मैं बाबर, शादाब और शाहीन को दोबारा टी20 टीम में नहीं चुनता। इन्हें पाकिस्तान के लिए खुद को साबित करने के बहुत मौके मिले, लेकिन कल फिर नाकाम रहे।”
अफरीदी का मानना है कि अब इस फॉर्मेट में युवाओं को तैयार करने का वक्त आ गया है। 176 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की हालत 13 रन पर तीन विकेट हो चुकी थी। इसी दौरान बाबर आज़म सिर्फ 5 रन बनाकर अक्षर पटेल की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में क्लीन बोल्ड हो गए, जबकि शाहीन ने अपने दो ओवरों में 31 रन लुटा दिए।
पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज़ जावेद मियांदाद ने हार पर ज्यादा विस्तार से बात तो नहीं की, लेकिन दबाव में टीम के बिखरने की बात जरूर मानी।
“भाई बड़े मैचों में ही खिलाड़ियों को अपना चरित्र दिखाना पड़ता है, जो हमारे खिलाड़ी नहीं दिखा पाए।”
एक और पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ, जो आमतौर पर बाबर का समर्थन करते रहे हैं, उन्होंने भी इस हार के बाद सख्त रुख अपनाया।
“शाहीन, बाबर और शादाब के लिए अब वक्त खत्म हो चुका है। पाकिस्तान की टी20 टीम को अब नए मैच विनर चाहिए, कमजोर टीमों के खिलाफ खोखली जीत नहीं,” यूसुफ ने एक्स पर लिखा।
भारतीय टीवी चैनल एबीपी पर बोलते हुए पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख्तर ने बाबर की ‘सुपरस्टार’ छवि पर तंज कसा।
“आपने ऐसे खिलाड़ी को सुपरस्टार बना दिया है जो आपको मैच जिताकर नहीं दे सकता। पिछले 15–20 सालों में सही निवेश नहीं हुआ। दुखद सच्चाई यह है कि एक समय हम मैदान पर भारत से टक्कर लेते थे, आज उन्हें हराने का सपना भी नहीं देख सकते।”
बाबर के लंबे समय से आलोचक रहे अहमद शहज़ाद का मानना है कि टी20 फॉर्मेट में यह बाबर का आखिरी मैच हो सकता है।
“बाबर एक बार फिर फेल। शायद यह इस फॉर्मेट में खुद को साबित करने का उसका आखिरी मौका था,” उन्होंने एक्स पर लिखा।
इस हार ने पाकिस्तानी क्रिकेट जगत को पूरी तरह निराश कर दिया है। सोशल मीडिया पर टीम का जमकर मज़ाक उड़ाया जा रहा है और कुछ लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि पाकिस्तान को बांग्लादेश के समर्थन में मैच का बहिष्कार ही कर देना चाहिए था।
कई यूज़र्स ने लिखा, “बहिष्कार पर टिके रहते तो बेहतर होता।”
पूर्व कप्तान मोइन खान का मानना है कि अब यह मान लेना चाहिए कि फिलहाल भारत हर फॉर्मेट में पाकिस्तान से कहीं बेहतर टीम है।
“हमने फिर उम्मीद लगा ली थी, लेकिन एक प्रोफेशनल क्रिकेटर होने के नाते कहीं न कहीं यह एहसास था कि अहम मौकों पर भारतीय खिलाड़ी ही बाज़ी मारेंगे।”
मियांदाद ने टीम चयन पर भी सवाल उठाए, खासकर गेंदबाज़ी संयोजन को लेकर।
“उन्होंने फहीम अशरफ से गेंदबाज़ी क्यों नहीं कराई? छह स्पिनर खिलाना कैसी रणनीति है?” उन्होंने हैरानी जताई।
भारत से मिली इस करारी हार के बाद साफ है कि पाकिस्तान क्रिकेट में बड़े बदलावों की मांग अब ज़ोर पकड़ रही है — और सबसे बड़ा निशाना बने हैं कप्तान बाबर आज़म।








