
रविवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले सुपर 8 मुकाबले के लिए तैयार की गई सामान्य काली मिट्टी की पिच स्पिन गेंदबाज़ों के लिए ज़्यादा मददगार नहीं मानी जा रही है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने यह बड़ा सवाल है कि वे एक और तेज़ गेंदबाज़ खिलाएं या तीसरे स्पिनर के रूप में कुलदीप यादव को मौका दें।
हालांकि उप-कप्तान अक्षर पटेल के वॉशिंगटन सुंदर की जगह प्लेइंग इलेवन में लौटने की उम्मीद है, लेकिन तीसरे स्पिनर को शामिल करने से पहले भारत अर्शदीप सिंह की डेथ ओवरों में असरदार गेंदबाज़ी को भी ध्यान में रखेगा।
मोटेरा स्टेडियम की पिच पर आमतौर पर तीन तरह की सतहें मिलती हैं — लाल मिट्टी, काली मिट्टी और दोनों का मिश्रण। इस मुकाबले के लिए काली मिट्टी की पिच तैयार की गई है, जिसमें हल्की उछाल है और घास पूरी तरह हटा दी गई है ताकि सतह सपाट दिखे।
मोटेरा में लंबे समय तक क्रिकेट खेलने वाले गुजरात के एक पूर्व कप्तान के मुताबिक इस पिच पर स्पिनरों को बिल्कुल भी मदद नहीं मिलेगी। प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्विंटन डी कॉक ने भी इस बात से सहमति जताई।
उन्होंने कहा, “यह पिच काफी सपाट लग रही है। इसमें अच्छी उछाल होगी और बल्लेबाज़ों को शॉट खेलने का पूरा मौका मिलेगा। अगर मैं कप्तान होता, तो इस विकेट पर कुलदीप यादव की जगह अर्शदीप सिंह को खिलाता।”
उन्होंने आगे कहा, “अहमदाबाद में अब तक की पिचें तेज़ गेंदबाज़ों के लिए ज़्यादा मददगार रही हैं। यहां लगभग स्पिन बिल्कुल नहीं दिखी है।आखिरकार सब कुछ हालात पर निर्भर करता है।”
मैच से एक दिन पहले हुए वैकल्पिक अभ्यास सत्र में कुलदीप यादव ने रिंकू सिंह और ईशान किशन जैसे नियमित बल्लेबाज़ों को काफी देर तक गेंदबाज़ी की। आमतौर पर मैच की पूर्व संध्या पर वे गेंदबाज़ अभ्यास नहीं करते जो अगले दिन खेलने वाले होते हैं। ऐसे में कुलदीप का अभ्यास करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि शायद इस मुकाबले में अर्शदीप सिंह को मौका मिल सकता है।








