
सुपर एट के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद भारत मुश्किल स्थिति में है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम इंडिया को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज़ के खिलाफ अपने बाकी दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे।
चेन्नई में गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से पहले भारत के पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले ने टीम को अपनी “स्वाभाविक और आक्रामक” शैली में खेलने की सलाह दी है, साथ ही विपक्ष को हल्के में न लेने की चेतावनी भी दी है।
जियोहॉटस्टार पर बात करते हुए कुंबले ने कहा,
“भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ अपनी नैचुरल, आक्रामक क्रिकेट खेलनी होगी। लेकिन जिम्बाब्वे एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी है और उसका सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को हराया है। श्रीलंका की धरती पर 179 रन का लक्ष्य हासिल किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को प्रभावशाली तरीके से हराया। उनके टॉप चार बल्लेबाज़ बेहतरीन फॉर्म में हैं। उनके लंबे कद के तेज गेंदबाज़ ब्लेसिंग मुज़रबानी और ब्रैड इवांस खासकर पावरप्ले में बेहद प्रभावी रहे हैं।”
ग्रुप स्टेज में जिम्बाब्वे अजेय रहा था, लेकिन सुपर एट के पहले मैच में वेस्टइंडीज़ से बुरी तरह हार गया, जिससे उसका नेट रन रेट भारत से भी नीचे चला गया। अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए उसे भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।
कुंबले ने भारत को सावधान करते हुए कहा, “भारत उन्हें हल्के में नहीं ले सकता। टीम को अपने खेल के शिखर पर रहना होगा। जो भी खिलाड़ी अच्छी शुरुआत करे, उसे उसे बड़ी पारी में बदलना होगा। यह सोचकर नहीं चल सकते कि अगला बल्लेबाज़ काम संभाल लेगा। टी20 विश्व कप में कोई ‘अगर’ या ‘मगर’ नहीं होता। आपको मैदान पर जाकर प्रदर्शन करना ही होता है। इसलिए सही नतीजे की उम्मीद जरूर करें, लेकिन भारत को अपने काम पर ध्यान देना होगा।”
अब भारत के लिए यह मुकाबला पूरी तरह से ‘करो या मरो’ की स्थिति है, जहां आक्रामक खेल के साथ संयम और सम्मान दोनों की जरूरत होगी।








