दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले से पहले नेट्स में शुभमन गिल का धमाकेदार प्रदर्शन!

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सोमवार से शुरू हो रही टी20 सीरीज़ से पहले पूरी तरह फिट हो चुके हार्दिक पांड्या ने कटक के बाराबती स्टेडियम में हुए अभ्यास सत्र को छोड़ दिया, लेकिन शुभमन गिल ने दो घंटे तक जमकर बल्लेबाज़ी कर शानदार वापसी दर्ज की।

गर्दन में दर्द और 24 दिनों के रिकवरी व रिहैबिलिटेशन के बाद भारतीय टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल पूरी तरह फिट नजर आए।

नेट्स में उतरने से पहले गिल ने सटीक फील्डिंग और कैचिंग ड्रिल्स कीं। इसके बाद उन्होंने तेज़ और स्पिन दोनों तरह की गेंदबाज़ी का सामना किया, जिसमें जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और यहां तक कि अभिषेक शर्मा के स्पेल भी शामिल थे। इस दिन उन्होंने पैड नहीं पहने थे।

सेंटर विकेट के पास हेड कोच गौतम गंभीर से लंबी बातचीत के बाद गिल नेट्स के बीच में पहुंचे और फिर दमदार शॉट्स की झड़ी लगा दी, जिनमें से कई गेंदें सीधे गैलरी तक जा पहुंचीं।

करीब 5,000 दर्शक, जिन्हें मुफ्त प्रवेश दिया गया था, गिल के हर बड़े शॉट पर तालियां बजाते नजर आए। रोटेशनल प्रैक्टिस सेशन के दौरान कई बार गिल ने पावर हिटर शिवम दुबे से भी ज़्यादा ताक़त के साथ शॉट्स लगाए।

हालांकि विकेटकीपर-बल्लेबाज़ संजू सैमसन को मुकाबले में केवल मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करनी है, फिर भी केरल के इस खिलाड़ी ने साइड नेट्स पर गिल के साथ पहले अभ्यास किया। इससे संकेत मिले कि सीरीज़ के पहले मुकाबले में वे जितेश शर्मा से आगे शुरुआत कर सकते हैं। यह भी इसलिए क्योंकि सूर्यकुमार यादव पहले ही कह चुके हैं कि ओपनिंग स्लॉट शुबमन गिल के ही हक़ का है।

सूर्यकुमार ने कहा, “शुभमन ने श्रीलंका सीरीज़ में उनसे पहले ओपन किया था, इसलिए वह इस जगह के हक़दार थे। लेकिन हमने संजू को मौके दिए। वह किसी भी नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए तैयार रहते हैं। 3 से 6 तक किसी भी स्थान पर खेलने की उनकी लचीलापन काबिल-ए-तारीफ़ है। यही बात मैं सभी बल्लेबाज़ों से कहता हूं — ओपनर्स के अलावा, सभी को फ्लेक्सिबल होना होगा।”

करीब ढाई घंटे चले इस अभ्यास सत्र में गिल की वापसी सबसे बड़ा आकर्षण रही, जबकि हार्दिक पांड्या की गैरहाज़िरी चर्चा का विषय बनी रही।

ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने रविवार को बाराबती स्टेडियम पहुंचकर एक घंटे से ज़्यादा अकेले अभ्यास किया और फिर एहतियातन टीम के मुख्य अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। उसी दिन मीडिया कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार यादव ने साफ किया कि हार्दिक “पूरी तरह फिट और ठीक” हैं, जिससे किसी नई चोट को लेकर आशंकाएं खत्म हो गईं।

एशिया कप के दौरान बाएं क्वाड्रिसेप इंजरी से उबरने के बाद हार्दिक ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में ज़बरदस्त वापसी की थी। उन्होंने पंजाब के खिलाफ 223 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 42 गेंदों में नाबाद 77 रन बनाए और गेंदबाज़ी करते हुए पूरे चार ओवर डाले (1/52)। बीसीसीआई के निर्देश पर उन्हें हरियाणा के खिलाफ तय मैच से हटा दिया गया था ताकि वह कटक टी20I के लिए समय से रिपोर्ट कर सकें।

उनकी चोटों के इतिहास को देखते हुए, विश्व कप से पहले भारत की 10 टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज़ में हार्दिक के वर्कलोड पर कड़ी नज़र रखी जाएगी, और यह संभावना है कि वह हर मैच में न खेलें।

भारत 7 फरवरी को वानखेड़े स्टेडियम में अमेरिका के खिलाफ अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत से पहले, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पांच मैच और एक आधिकारिक वॉर्म-अप मुकाबला खेलेगा।

सूर्यकुमार यादव ने हार्दिक की अहमियत पर ज़ोर देते हुए कहा, “एशिया कप में आपने देखा जब वह नई गेंद से गेंदबाज़ी कर रहे थे, इससे हमें कई नए विकल्प और कॉम्बिनेशंस मिले। बड़े आईसीसी मुकाबलों में उनका अनुभव बहुत काम आएगा। उनकी मौजूदगी से टीम को बेहतरीन संतुलन मिलता है।”

विश्व कप को लेकर भारत की योजनाओं में हार्दिक पांड्या की बहुमुखी भूमिका बेहद अहम बनी हुई है — नई गेंद से गेंदबाज़ी करना, एक अतिरिक्त स्पिनर खिलाने की आज़ादी देना और मैच फिनिश करना, खासकर तब जब सूर्यकुमार अभी अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म की तलाश में हैं।

पांच मैचों की इस सीरीज़ के दौरान टीम इंडिया के पास तीन पूर्ण अभ्यास सत्र होंगे।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।