
डिस्कस थ्रो में पूर्व एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता सीमा पुनिया को डोप टेस्ट में विफल होने के बाद 16 महीने का निलंबन झेलना पड़ा है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) की हालिया ड्रग अपराधियों की सूची के अनुसार, 42 वर्षीय सीमा पुनिया को 10 नवंबर से सस्पेंड किया गया है।
हालांकि, NADA यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि वह किस प्रतिबंधित रसायन के लिए पॉजिटिव पाई गई थीं।
सीमा पुनिया का डोपिंग रिकॉर्ड पहले भी विवादित रहा है। उनके खिलाफ पहले भी दो उल्लंघन दर्ज हैं, जिनमें से एक जूनियर स्तर पर था, जबकि यह उनका ताज़ा मामला है। उनका आखिरी बड़ा टूर्नामेंट 2023 हांगझो एशियन गेम्स था, जहां उन्होंने कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल चार पदक जीते हैं, जिनमें तीन रजत पदक शामिल हैं।
साल 2014 में इन्चियोन एशियन गेम्स में सीमा पुनिया ने अपना पहला और एकमात्र स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले, 2002 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था।
इसके अलावा, मिडिल डिस्टेंस धावक निकेश धनराज राठोड (4 साल), शॉटकटर मनजीत कुमार (6 साल) और लंबी दूरी की धाविका पूजा यादव (4 साल) को भी डोप टेस्ट में फेल होने के कारण निलंबित किया गया है।
मैराथन धावक कुलदीप सिंह और महिला स्टीपलचेज़ एथलीट छवि यादव को भी चार-चार साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा है।








