‘बहुत ही ग़ज़ब का टैलेंट’: शेन वॉटसन ने इस भारतीय खिलाडी को हर फ़ॉर्मेट में सफल होने के लिए दिया समर्थन!

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर शेन वॉटसन का मानना है कि शुभमन गिल “अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली” हैं और वे विभिन्न फ़ॉर्मेट्स के बीच बदलाव को जल्दी समझकर भारत के लिए बड़े रन बना सकेंगे।

वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही व्हाइट-बॉल सीरीज़ में, गिल — जो भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान हैं — ज़्यादा रन नहीं बना पाए हैं। तीन वनडे में उन्होंने 10, 9 और 24 रन बनाए, जबकि तीन टी20 इंटरनेशनल में उनके स्कोर 37* , 5 और 15 रहे।

वॉटसन ने कहा— “ऐडजस्टमेंट में समय तो लगता है। कोशिशों और गलतियों से ही खिलाड़ी सीखता है कि किन परिस्थितियों में कैसा बदलाव करना है।”

“लेकिन शुभमन गिल बेहद ही प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ हैं। उनकी तकनीक शानदार है। उन्हें ज्यादा समय नहीं लगेगा सभी फ़ॉर्मेट्स में रफ्तार पकड़ने में, क्योंकि जब किसी के पास इतनी स्किल होती है, तो बदलाव आसान हो जाता है।”

गिल ऑस्ट्रेलिया पहुंचे वेस्टइंडीज़ के खिलाफ दो घरेलू टेस्ट मैचों के बाद, जिनमें उन्होंने तीन पारियों में एक शतक और एक अर्धशतक लगाया था। वॉटसन मानते हैं कि फ़ॉर्मेट बदलना चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन अनुभव के साथ यह सरल हो जाता है।

उन्होंने कहा— “ये चुनौती है, लेकिन जितना ज्यादा आप करते हैं, उतना बेहतर सीखते हैं कि अपनी तकनीक और गेम प्लान में कौन से छोटे बदलाव ज़रूरी हैं।”

वॉटसन ने अपने करियर (2002–2016) में 59 टेस्ट, 190 वनडे और 58 टी20I खेले हैं।

भारत के विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा की भी वॉटसन ने जमकर तारीफ़ की— “उन्हें खेलते देखना आनंद है। वे बेहद शानदार हैं—आत्मविश्वासी, निडर, और परिस्थितियों के मुताबिक अपने खेल को ढालने की क्षमता रखते हैं।”

“पिछले दो–तीन सालों में उनकी प्रगति खास रही है। जब वे पहली बार सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेले थे और फिर जिस तरह वे लगातार उभरते गए—यह वाकई शानदार है।”

“उनके पास हर तरह के गियर हैं, हर तरह के शॉट हैं—अलग-अलग गेंदबाज़ों के खिलाफ और अलग-अलग हालात में।”

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।