
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने ईडन गार्डन्स जैसी अति बोलर-फ्रेंडली और अधपकी पिचों पर जमकर हमला बोला है। उनका कहना है कि ऐसी पिचें खिलाड़ियों के असली विकास को रोकती हैं और यह “टेस्ट क्रिकेट का विनाश” है।
पहले टेस्ट में भारत दक्षिण अफ्रीका से 30 रन से हार गया था। 124 रन का लक्ष्य पीछा करते हुए भारतीय टीम तीन दिनों में ही ढेर हो गई।
हरभजन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा— “इन्होंने टेस्ट क्रिकेट को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। रेस्ट इन पीस टेस्ट क्रिकेट।”
उन्होंने कहा कि ऐसी पिचों पर भारतीय टीम भले मैच जीत ले, कोई गेंदबाज़ हीरो बन जाए, लेकिन इससे खेल का असली फायदा नहीं होता।
उन्होंने कहा— “सालों से ऐसी पिचें बन रही हैं। कोई बात नहीं करता क्योंकि टीम जीत रही है, कोई विकेट ले रहा है, कोई महान बन रहा है। सबको लगता है सब ठीक है। लेकिन यह तरीका गलत है, और यह आज से नहीं, कई सालों से चल रहा है।”
हरभजन, जिन्होंने 2001 में ईडन गार्डन्स पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 13 विकेट लिए थे, बोले— “ऐसी पिचों पर आप आगे नहीं बढ़ रहे, बस कुएँ के बैल की तरह चक्कर काट रहे हो। जीत रहे हो, पर एक क्रिकेटर के रूप में ग्रोथ नहीं हो रही।”
उन्होंने कहा कि बल्लेबाज़ इन पिचों पर रन बनाना सीख ही नहीं पा रहे—
“ऐसी पिचों पर मैच खेलना ठीक नहीं जहाँ बल्लेबाज़ को समझ ही न आए कि रन कैसे बनाएं। उन्हें ऐसा दिखाया जा रहा जैसे उन्हें बल्लेबाज़ी करनी ही नहीं आती। जब पिच ही सब कुछ कर रही हो, तो अच्छे गेंदबाज़ और अच्छे बल्लेबाज़ में फर्क ही क्या रह जाता है?”
हरभजन ने साफ कहा— “यह देखना दुखद है कि टेस्ट क्रिकेट कैसे खेला जा रहा है। पता नहीं हम ऐसा क्यों कर रहे हैं।”
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा और अंतिम टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाएगा।








