
रणजी ट्रॉफी फाइनल के दौरान जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा और कर्नाटक के सब्स्टीट्यूट फील्डर केवी अनीश के बीच हुए हेड-बट विवाद को डोगरा ने बड़ा मुद्दा मानने से इनकार किया है। हब्बली में खेले जा रहे फाइनल के दूसरे दिन इस घटना के लिए डोगरा पर उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाए जाने की संभावना है।
प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर चौका लगाने के तुरंत बाद डोगरा की अनीश से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई तक पहुंच गई। गुस्से में डोगरा ने हेलमेट पहने अनीश को हल्का सा हेड-बट कर दिया।
इसके बाद मैदान पर माहौल गरमा गया। कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल और मयंक अग्रवाल भी अंपायरों से बात करते नजर आए। हालांकि बीसीसीआई के मैच रेफरी नारायणन कुट्टी की ओर से आधिकारिक फैसला मैच खत्म होने के बाद ही आएगा, लेकिन किसी खिलाड़ी से शारीरिक संपर्क आमतौर पर सजा और जुर्माने का कारण बनता है।
डोगरा पहले दिन चोटिल होकर आउट हुए अब्दुल समद की जगह दूसरे दिन बल्लेबाजी के लिए उतरे थे। उस समय प्रसिद्ध कृष्णा तेज स्पेल में थे और शॉर्ट गेंदों के साथ-साथ करीबी फील्डरों, खासकर सिली पॉइंट पर खड़े अनीश की ओर से लगातार चुटकी भी ली जा रही थी।
101वें ओवर में प्रसिद्ध की एक उछाल लेती गेंद डोगरा के बल्ले का किनारा लेकर स्लिप के ऊपर से बाउंड्री चली गई। इसके बाद डोगरा सीधे अनीश के पास पहुंचे और उन्हें हल्का सा हेड-बट कर दिया।
दिन का खेल खत्म होने पर जम्मू-कश्मीर ने 6 विकेट पर 527 रन बना लिए थे। डोगरा 70 रन बनाकर आउट हुए, जिन्हें लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल ने पवेलियन भेजा।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डोगरा ने पीटीआई से कहा, “ईमानदारी से कहूं तो दिन हमारे लिए बहुत अच्छा रहा। हम मजबूत स्थिति में हैं और मेरे लिए यही सबसे अहम है। फाइनल जैसे मैचों में ऐसे छोटे-मोटे पल हो जाते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “वो बस उस समय के तनाव में हुआ। कोई बड़ी बात नहीं है। अब सब ठीक है। बाद में हम आपस में बात भी कर रहे थे। ये पल भर की बात थी।”
इस घटना ने भले ही मैदान पर थोड़ी देर के लिए तनाव बढ़ा दिया हो, लेकिन डोगरा का मानना है कि यह क्रिकेट के दबाव में हुआ एक सामान्य सा क्षण था।








