
ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने कहा कि भारत और कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा अतिरिक्त दबाव लेकर आता है, लेकिन खिलाड़ी इस पुराने प्रतिद्वंद्विता की बातों से खुद को दूर रखकर अपने जज़्बात पर काबू रखने की कोशिश करते हैं।
रविवार रात को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के सुपर आठ चरण में जगह पक्की कर ली।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अक्षर ने कहा, “हां, दबाव तो रहता है। आपके आसपास के लोग, परिवार या दोस्त इस मैच को लेकर बातें करते हैं। इसलिए सामान्य मैच से थोड़ा ज़्यादा प्रेशर होता है। लेकिन एक प्रोफेशनल क्रिकेटर के तौर पर हम अपने इमोशंस को कंट्रोल करने पर ध्यान देते हैं। हम इस प्रतिद्वंद्विता के बारे में ज़्यादा नहीं सोचते और न ही खुद पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। हम उन्हें बस एक टीम की तरह देखते हैं और क्रिकेट पर फोकस करते हैं। जब मैं खेलता हूं तो इसे बस एक और मुकाबला मानता हूं।”
भारत ने इशान किशन की शानदार 40 गेंदों में 77 रन की पारी के दम पर 175/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिसकी अक्षर ने खूब सराहना की।
“जिस तरह से उसने बल्लेबाज़ी की, वह वाकई एक बेहतरीन पारी थी, क्योंकि पिच आसान नहीं थी। गेंद घूम रही थी, कुछ गेंदें रोशनी में सीधी जा रही थीं, बल्लेबाज़ी आसान नहीं थी। घरेलू क्रिकेट में उसकी जो फॉर्म रही है, वही उसने न्यूजीलैंड सीरीज़ और पिछले मैच में भी आगे बढ़ाई।
जब आत्मविश्वास ऊंचा होता है तो आप विकेट या हालात के बारे में ज़्यादा नहीं सोचते। उसमें कॉन्फिडेंस भी है और काफी स्किल भी। उसने मैदान के हर हिस्से में शॉट खेले — कवर के ऊपर, स्लिप के ऊपर — यानी फील्ड का बेहतरीन इस्तेमाल किया। पूरा श्रेय उसी को जाता है,” अक्षर ने कहा।
इस मुकाबले को पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज़ों और भारत के बल्लेबाज़ों की टक्कर के रूप में पेश किया गया था, लेकिन भारत की एकतरफा जीत ने सारी चर्चा को पीछे छोड़ दिया।
अक्षर के मुताबिक टीम इन बाहरी बातों पर ध्यान नहीं देती।
“हम अपनी ताकत पर फोकस करते हैं। ये सब बाहर की बातें हैं — भारत की बल्लेबाज़ी बनाम पाकिस्तान की स्पिन। हम इन पर नहीं सोचते। हम बस अपनी योजना और उसके अमल पर ध्यान देते हैं — बल्लेबाज़ी या गेंदबाज़ी करते वक्त क्या करना है, पिच कैसी है, ऐसे ही पहलुओं पर फोकस रहता है।”
पाकिस्तान के खिलाफ मैच में भारत ने तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह की जगह स्पिनर कुलदीप यादव को शामिल किया और तीन स्पिनरों के साथ उतरा। अक्षर ने साफ किया कि यह कोई प्रयोग नहीं बल्कि पिच के मुताबिक लिया गया फैसला था।
“तीन स्पिनरों को खिलाने का फैसला पिच को देखकर लिया गया था। इतने बड़े टूर्नामेंट में हर मैच के लिए बहुत ज़्यादा बदलाव करना सही नहीं होता। जब पिच से मदद मिल रही हो तो उसी का फायदा उठाना चाहिए। अगर आपके गेंदबाज़ अपना काम सही से कर रहे हैं, तो वही सबसे अहम होता है। इसी सोच के साथ टीम कॉम्बिनेशन तय किया गया था,” अक्षर ने समझाया।








