नीरज चोपड़ा ने दिग्गज कोच यान ज़ेलेज़्नी से किया अलग होने का ऐलान!

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने शनिवार को बताया कि वह चेक गणराज्य के दिग्गज कोच यान ज़ेलेज़्नी के साथ अपना सहयोग सिर्फ एक सीज़न के बाद समाप्त कर रहे हैं। नीरज ने कहा कि यह सफर “प्रगति, आपसी सम्मान और खेल के प्रति साझा प्यार” से भरा रहा।

हरियाणा के इस स्टार एथलीट ने ज़ेलेज़्नी के मार्गदर्शन में पिछले साल पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार किया था। ज़ेलेज़्नी इस खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं और उनके नाम विश्व रिकॉर्ड भी दर्ज है। हालांकि, नीरज ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह साझेदारी क्यों खत्म हुई।

अपने अनुभव को याद करते हुए नीरज ने कहा कि बचपन से जिन खिलाड़ी को वह अपना आदर्श मानते थे, उनसे सीधे प्रशिक्षण लेना उनके लिए सपने के सच होने जैसा था। इस दौरान उन्हें अभ्यास, तकनीक और नए नजरिए का एक बिल्कुल नया “टूलबॉक्स” मिला।

“यान के साथ काम करने से मेरी आंखें कई नई बातों के लिए खुलीं। तकनीक, रिद्म और मूवमेंट को लेकर उनका सोचने का तरीका अद्भुत है। हर सेशन से मैंने कुछ न कुछ सीखा। सबसे ज्यादा गर्व मुझे इस बात का है कि मैंने अपने जीवन भर के आदर्श के साथ दोस्ती बनाई। यान न सिर्फ अब तक के सबसे महान भाला फेंक खिलाड़ी हैं, बल्कि सबसे बेहतरीन इंसानों में से भी एक हैं,” पीटीआई के हवाले से नीरज ने कहा।

59 वर्षीय यान ज़ेलेज़्नी ने भी इस साझेदारी और साथ में हासिल की गई प्रगति के लिए आभार जताया।

“नीरज जैसे एथलीट के साथ काम करना शानदार अनुभव रहा। मुझे खुशी है कि हमने साथ काम किया और वह पहली बार 90 मीटर की बाधा पार कर सके। वर्ल्ड चैंपियनशिप को छोड़ दें तो वह सबसे खराब स्थिति में भी दूसरे स्थान पर रहे, जो बुरा रिकॉर्ड नहीं है। दुर्भाग्य से टोक्यो से 12 दिन पहले लगी पीठ की चोट ने उनके मौके काफी प्रभावित किए,” ज़ेलेज़्नी ने एक प्रेस रिलीज में कहा।

ज़ेलेज़्नी के मुताबिक, आने वाले वर्षों में नीरज में अपार संभावनाएं हैं।

“मानवीय स्तर पर भी हमारा रिश्ता बहुत सकारात्मक है और हम संपर्क में बने रहेंगे। किसी ट्रेनिंग कैंप में या फिर यूरोप या भारत में परिवार के साथ छुट्टियों के दौरान हमारी मुलाकात जरूर होगी,” उन्होंने कहा।

नीरज ने बताया कि आगे वह अपने कोचिंग रास्ते को लेकर खुद पहल करेंगे।

“मैं 2026 को लेकर उत्साहित हूं। मैंने नवंबर की शुरुआत में ही तैयारी शुरू कर दी थी। हमेशा की तरह लक्ष्य फिट रहना है और मैं फिर से प्रतियोगिताओं में उतरने को लेकर उत्साहित हूं। साथ ही 2027 की वर्ल्ड चैंपियनशिप और उससे आगे 2028 ओलंपिक गेम्स मेरे बड़े लक्ष्य हैं,” नीरज ने कहा।

गौरतलब है कि पिछले साल दोहा डायमंड लीग में 90 मीटर से ज्यादा थ्रो करने के बाद नीरज वर्ल्ड इवेंट में आठवें स्थान पर रहे थे।