टीम इंडिया में चयन न होने पर मुंबई क्रिकेटर्स ने किया इस खिलाडी का समर्थन!

मुंबई के खिलाड़ी सरफराज़ खान को टीम इंडिया में न चुने जाने के बाद पूरा समर्थन दे रहे हैं। साथी खिलाड़ी सिद्धेश लाड ने बताया कि सरफराज़ का मनोबल गिरना स्वाभाविक है, लेकिन टीम उनका आत्मविश्वास बढ़ाने की पूरी कोशिश कर रही है।

इस रणजी ट्रॉफी सीज़न में सरफराज़ अब तक एक भी पचास नहीं बना पाए हैं—उनके स्कोर 42, 32, 1, 15 और 5 नाबाद रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने के बाद उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली थी और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी वे टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद से वह इंडिया-A टीमों से भी बाहर हैं।

सिद्धेश लाड ने कहा कि, “आखिरकार वह भी इंसान हैं और हर बड़े खिलाड़ी के करियर में एक मुश्किल दौर आता है। पिछले 4–5 सालों में उन्होंने लगातार रन बनाए हैं। ऐसे समय में मन टूटना स्वाभाविक है, लेकिन टीम और सपोर्ट स्टाफ की जिम्मेदारी है कि हम उन्हें कैसे संभालें। उनकी क्षमता हमें पता है—वह चलें तो लंबी पारी खेलते हैं।”

रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप D में मुंबई, हैदराबाद और जम्मू-कश्मीर—तीनों के 10-10 अंक हैं। लाड का कहना है कि मुंबई को अपने दोनों घरेलू मैचों का पूरा फायदा उठाना होगा। टीम को पिच की भी अच्छी समझ हो चुकी है, जो इस बार धीमी और स्पिन-अनुकूल रही है।

राजस्थान के खिलाफ हुए मुकाबले में मुंबई ने पहली पारी में 363 रन की बड़ी बढ़त गंवाई थी, लेकिन यशस्वी जायसवाल (67 और 156) और मुशीर खान की बैटिंग से टीम ने मैच बचाया। लाड ने कहा कि दूसरी पारी में टीम ने दिल दिखाया और वे मुशीर के फॉर्म में लौटने से खुश हैं।

उन्होंने यह भी माना कि मुंबई के लिए खेलते समय हर मैच में दबाव होता है—क्लब क्रिकेट में भी उनसे उम्मीदें रहती हैं और मुंबई टीम के प्रदर्शन पर पूरा देश नज़र रखता है। उन्होंने कहा, “अगर हम फाइनल भी हार जाएँ तो इसे खराब साल माना जाता है, लेकिन अनुभव ने मुझे दबाव संभालना सिखाया है।”

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।