मोहम्मद शमी ने LSG के लिए किया शानदार प्रदर्शन, कहा— ‘खेल से जुड़े रहना’ वापसी की कुंजी!

आईपीएल 2026 के एक मैच में मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ जीत दिलाई। भारतीय तेज़ गेंदबाज़ ने अपनी सफलता का श्रेय घरेलू क्रिकेट और फिटनेस को दिया।

शमी ने 2 विकेट पर सिर्फ 9 रन दिए, जिसमें 18 डॉट बॉल शामिल थीं, और LSG ने यह मुकाबला 5 विकेट से जीत लिया।

शमी ने कहा, “अगर आपको खेलना है तो खेल से जुड़े रहना बहुत जरूरी है। अगर आप फिट हैं तभी अपने स्किल्स पर काम कर सकते हैं। इसलिए मैंने लगातार घरेलू क्रिकेट खेला और खुद को गेम से जोड़े रखा।”

35 वर्षीय शमी पिछले साल चोट से वापसी कर रहे थे और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। उन्होंने 9 मैचों में 6 विकेट लिए थे और उनका इकॉनमी रेट 11.23 था।

उन्होंने कहा, “मैं मशीन नहीं हूं। मेरा सीजन ऊपर-नीचे हो सकता है। पिछले कुछ सालों में मैंने अच्छा प्रदर्शन किया है, लोगों ने नोटिस नहीं किया तो वो अलग बात है, लेकिन मैं हमेशा अच्छा करने की कोशिश करता हूं।”

उन्होंने भारत अरुण के साथ अपने संबंधों पर भी बात की।

“हमने भारतीय टीम में लंबे समय तक साथ काम किया है। हमारी अच्छी बॉन्डिंग है और एक-दूसरे को समझते हैं। खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच तालमेल बहुत जरूरी होता है।”

लखनऊ को लेकर शमी ने कहा, “लखनऊ मेरे लिए दूसरा घर जैसा है, इसलिए यहां सेट होने में ज्यादा समय नहीं लगता।”

शमी ने अपनी गेंदबाज़ी में स्लोअर बॉल का शानदार इस्तेमाल किया और खतरनाक बल्लेबाज़ ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा को जल्दी आउट कर LSG को बेहतरीन शुरुआत दिलाई।

उन्होंने पिच के बारे में कहा, “यहां की पिच हमेशा की तरह धीमी और थोड़ी चिपचिपी थी, लेकिन नई गेंद से लाइन और लेंथ बहुत महत्वपूर्ण होती है। अगर हम उन्हें चौड़ाई या सही ज़ोन में गेंद देते, तो बल्लेबाज़ आसानी से हिट कर सकते थे।”

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए गति में बदलाव करना जरूरी था और यह भी ध्यान रखना था कि बल्लेबाज़ गेंद को ज्यादा ऊंचाई न दे पाएं।”

शमी ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की अहमियत पर भी जोर दिया।

“आपको परिस्थितियों के हिसाब से खेलना होता है। पिछले साल भी मैंने यहां काफी स्लोअर बॉल का इस्तेमाल किया था। विपक्षी टीम भी ऐसा करती है, तो मैंने सोचा हम क्यों नहीं करें।”

मैच से पहले अपनी तैयारी के बारे में उन्होंने कहा,
“मैं अपना काम करता हूं और बाकी अल्लाह पर छोड़ देता हूं। चाहे आईपीएल हो या कोई भी बड़ा मंच, आपको अपने स्किल्स पर काम करना पड़ता है। यह इस पर निर्भर करता है कि आप नई और पुरानी गेंद के साथ कितना मेहनत करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरी ताकत हमेशा नई गेंद रही है, इसलिए मैं सोचता हूं कि मैं टीम के लिए नई गेंद से कितना फायदा पहुंचा सकता हूं। अगर आपका दिन अच्छा है और गेंदबाज़ी सही जा रही है, तो आप अपनी योजना के अनुसार आगे बढ़ते हैं। लेकिन इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है।”

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।