
चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह अनकैप्ड आयुष बदोनी को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ आखिरी दो वनडे मैचों के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
26 वर्षीय बदोनी को आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए उनके प्रदर्शन के कारण पहचान मिली, जहां मौजूदा भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर उनके कोच रहे हैं।
मुख्य रूप से बल्लेबाज़ और ऑफ-स्पिन गेंदबाज़ी करने वाले बदोनी ने हाल की विजय हज़ारे ट्रॉफी में दिल्ली की कप्तानी की और ऋषभ पंत के उपकप्तान भी रहे।
हालांकि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका बल्लेबाज़ी औसत 57.96 है, लेकिन लिस्ट-ए क्रिकेट में उनके आंकड़े खास प्रभावशाली नहीं रहे हैं।
मौजूदा विजय हज़ारे ट्रॉफी में बदोनी ने बल्लेबाज़ी से ज़्यादा गेंदबाज़ी में बेहतर प्रदर्शन किया है। 27 लिस्ट-ए मैचों में उनका गेंदबाज़ी औसत 36.47 रहा है।
दिल्ली के हेड कोच और पूर्व भारतीय स्पिनर सरनदीप सिंह ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि पिछले एक साल में बदोनी ने अपनी ऑफ-स्पिन पर काफी मेहनत की है।
उन्होंने कहा, “वह हर अभ्यास सत्र में नेट्स में बल्लेबाज़ी के बाद कम से कम 30 गेंदें गेंदबाज़ी करता है। उसे पता है कि भारतीय टीम में एक ऑलराउंडर के तौर पर जगह बनाने के लिए उसे अपनी ऑफ-स्पिन बेहतर करनी होगी। पिछले 12 महीनों में वह गेंदबाज़ के रूप में काफी सुधरा है। वह हमारे लिए नियमित विकेट ले रहा है, बहुत स्मार्ट क्रिकेटर है और जल्दी सीखता है। उसकी ऑफ-स्पिन में अच्छा टर्न है, उसके पास बढ़िया कैरम बॉल और आर्म बॉल भी है।”
हालांकि, पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफ़ान पठान ने इस चयन पर सवाल उठाए।
उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “अगर रियान पराग फिट होते तो वह वॉशिंगटन सुंदर के लिए आदर्श विकल्प होते। आयुष बदोनी को टीम इंडिया में चुने जाने पर बधाई। इंडिया ए के लिए उन्होंने कुछ अच्छी पारियां खेली हैं—नवंबर में साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ 66 (66) और अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ 21 (20) व 50 (27)।”
मौजूदा विजय हज़ारे ट्रॉफी में बदोनी ने तीन पारियों में सिर्फ 16 रन बनाए हैं, जबकि पांच मैचों में 22 ओवर गेंदबाज़ी करते हुए चार विकेट लिए हैं।








