‘शायद उसे ऐसा करना चाहिए…’: श्रीकांत ने बताया टीम इंडिया में चयन के लिए ऋतुराज गायकवाड़ क्या कर सकते हैं!

पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा है कि टीम इंडिया में दोबारा जगह पाने के लिए ऋतुराज गायकवाड़ को चयनकर्ताओं को यह यक़ीन दिलाना पड़ सकता है कि वह विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी पिछली 50 ओवर की पारी में शतक लगाने के बावजूद, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए चुनी गई भारतीय टीम से ऋतुराज का बाहर होना चौंकाने वाला रहा।

श्रेयस अय्यर की फिटनेस में वापसी के बाद महाराष्ट्र के इस बल्लेबाज़ को बाहर बैठना पड़ा, जबकि ऋषभ पंत को टीम में बनाए रखा गया, भले ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोई मैच नहीं खेला था। श्रीकांत ने मज़ाक में सुझाव दिया कि ऋतुराज को चयन समिति के सामने जाकर कहना चाहिए कि उन्होंने एमएस धोनी के साथ खेला है, इसलिए वह विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं। पूर्व चयनकर्ता का मानना है कि नितीश कुमार रेड्डी की जगह ऋतुराज को टीम में रखा जाना चाहिए था।

“शायद ऋतुराज गायकवाड़ यह कह सकते हैं कि मैंने धोनी के साथ खेला है, तो मैं भी विकेटकीपिंग कर सकता हूं। तभी शायद उनका चयन हो पाए,” श्रीकांत ने कहा।
“श्रेयस अय्यर तो पक्की पसंद हैं, उन्हें शामिल किया जाना ही था। लेकिन ऋतुराज को 15 सदस्यीय टीम में होना चाहिए था। नितीश कुमार रेड्डी की जगह उन्हें रखा जाना चाहिए था।”

श्रीकांत के अनुसार, ऋतुराज का बाहर होना यह दिखाता है कि अब शतक लगाने के बाद भी टीम में जगह पक्की नहीं होती। उन्होंने कहा कि अब ऋतुराज को घरेलू क्रिकेट में फिर से ढेर सारे रन बनाकर खुद को साबित करना होगा।

“इसका मतलब यह है कि अगर आप शतक भी लगाते हैं, तब भी कोई गारंटी नहीं है। अब गायकवाड़ को फिर से शुरुआत करनी होगी और घरेलू क्रिकेट में पहाड़ जैसे रन बनाने होंगे, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका शतक लोग भूल जाएंगे,” श्रीकांत ने कहा।

पूर्व चयनकर्ता का मानना है कि अगर ऋतुराज को 15 सदस्यीय टीम में रखा जाता, तो वह टीम इंडिया की योजनाओं का हिस्सा बने रहते। लेकिन बाहर किए जाने के बाद धीरे-धीरे उन्हें भुला दिया जाएगा।

“यशस्वी जायसवाल भी शायद प्लेइंग इलेवन में न हों, लेकिन कम से कम वह रिज़र्व में हैं। 15 में होने से आप योजना का हिस्सा बने रहते हैं। लेकिन इस चयन के साथ ऋतुराज गायकवाड़ को पूरे सिस्टम से ही बाहर कर दिया गया है। और जब आप सिस्टम से बाहर हो जाते हैं, तो जनता और चयनकर्ता—सब आपको भूल जाते हैं,” श्रीकांत ने कहा।

उन्होंने इसे बेहद अनुचित बताते हुए कहा, “अंतरराष्ट्रीय मैच में किए गए प्रदर्शन का कोई मतलब नहीं रह जाता। ऐसा सहज शतक भी बेकार चला जाता है। सबकी याददाश्त बहुत छोटी होती है, इसलिए लोग इसे जल्दी भूल जाएंगे।”

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच वनडे सीरीज़ 11 जनवरी से शुरू होगी।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।