
जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रचते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। हुबली में कर्नाटक के खिलाफ खेला गया फाइनल मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर को विजेता घोषित किया गया।
शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रन की बड़ी बढ़त हासिल की थी। मैच के पांचवें और अंतिम दिन टीम ने बल्लेबाजी में भी दबदबा बनाए रखा। दूसरी पारी में 186/4 से आगे खेलते हुए क़मरान इक़बाल (जो 94 रन पर नाबाद थे) और साहिल लोट्रा (16 रन) ने शानदार शतक जड़े। दोनों की दमदार पारियों की बदौलत टीम ने कुल बढ़त 633 रन तक पहुंचा दी।
जब दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाने का फैसला किया, तब जम्मू-कश्मीर का स्कोर 342/4 था। क़मरान इक़बाल 160 और साहिल लोट्रा 101 रन बनाकर नाबाद थे। पांचवें दिन लंच तक टीम 285/4 पर थी।
इससे पहले, जम्मू-कश्मीर की पहली पारी के 584 रनों के जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रन पर ऑलआउट हो गई थी। तेज गेंदबाज आकिब नबी ने 54 रन देकर पांच विकेट लेकर कर्नाटक को बैकफुट पर धकेल दिया। कर्नाटक को आउट करने के बाद जम्मू-कश्मीर ने फॉलो-ऑन लागू करने के बजाय दोबारा बल्लेबाजी करने का फैसला किया और मुकाबले को पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया।
यह जीत जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक है। 67 साल पहले रणजी ट्रॉफी में पदार्पण करने के बाद टीम ने पहली बार यह प्रतिष्ठित खिताब जीता है।
संक्षिप्त स्कोर:
जम्मू-कश्मीर – 584 (पहली पारी) और 342/4 (दूसरी पारी)
(क़मरान इक़बाल 160, साहिल लोट्रा 101; प्रसिद्ध कृष्णा 2/42)
कर्नाटक – 293 ऑलआउट (पहली पारी)








