
शशांक सिंह को पूरा भरोसा है कि पंजाब किंग्स इस बार आईपीएल 2026 का खिताब जीतकर 31 मई को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में ट्रॉफी उठाएगी, भले ही टीम को पिछले सीजन के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।
पिछले साल पंजाब किंग्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 साल बाद फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन खिताबी मुकाबले में उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 6 रन से हार मिली थी।
शशांक ने कहा, “मुझे पता है कि 31 मई को हम चिन्नास्वामी में खेलेंगे और कप उठाएंगे। यह सिर्फ एक एहसास नहीं है, मुझे पूरा यकीन है कि ऐसा होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “यह टीम का आत्मविश्वास और भरोसा है। सभी खिलाड़ी एक ही सोच पर हैं और हर किसी में कॉन्फिडेंस है।”
पिछले सीजन पंजाब किंग्स ने 14 लीग मैचों में से 9 जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था और क्वालिफायर-2 में मुंबई इंडियंस को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
जब उनसे पूछा गया कि टीम पिछले साल जैसा प्रदर्शन कैसे दोहराएगी, तो शशांक ने कहा, “हम मैच दर मैच आगे बढ़ेंगे क्योंकि हमारा अंतिम लक्ष्य ट्रॉफी जीतना है। अगर हम लगातार यह सोचते रहेंगे कि हम पिछले साल फाइनल में पहुंचे थे, तो हम पर दबाव बढ़ेगा। इसलिए हमारा पहला लक्ष्य गुजरात टाइटंस के खिलाफ पहला मैच और फिर चेन्नई सुपर किंग्स और केकेआर के खिलाफ मुकाबलों की तैयारी करना है।”
टीम के कोर ग्रुप को बरकरार रखा गया है, जिसमें कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच रिकी पोंटिंग के नेतृत्व में 2025 की टीम के 21 खिलाड़ी शामिल हैं।
शशांक ने कहा, “फाइनल खेलना और जीतना ही अंतिम लक्ष्य है, लेकिन हमें हर मैच पर ध्यान देना होगा और अपनी गलतियों को सुधारना होगा। हम काफी मोटिवेटेड और उत्साहित हैं क्योंकि हमारा ग्रुप वही है और हम पिछले साल से बेहतर तैयार हैं।”
34 वर्षीय शशांक ने बताया कि मिडिल ऑर्डर में अपनी भूमिका को अपनाना उनके विकास के लिए अहम रहा है।
उन्होंने कहा, “अपने रोल से प्यार करना जरूरी है। पहले मैं सोचता था कि मैं टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हूं और मुझे नीचे भेज दिया गया है, लेकिन बाद में मुझे इस भूमिका से लगाव हो गया। इस रोल में सफल होने के लिए टीम का सपोर्ट बहुत जरूरी है क्योंकि हाई-रिस्क क्रिकेट खेलने के लिए आजादी चाहिए।”
तैयारी के बारे में उन्होंने कहा कि इस सीजन में व्यक्तिगत लक्ष्य पीछे रहेंगे।
उन्होंने कहा, “आईपीएल में यह स्किल से ज्यादा मानसिक खेल होता है। पिछले साल चोटों के कारण मैं ज्यादा क्रिकेट नहीं खेल पाया। मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य टीम के लिए योगदान देना है। व्यक्तिगत लक्ष्य दूसरे नंबर पर हैं क्योंकि मैं टीम को जीतते देखना चाहता हूं और ट्रॉफी के साथ फोटो लेना चाहता हूं।”
शशांक ने यह भी कहा कि वह नेट्स में ज्यादा बल्लेबाजी करना पसंद नहीं करते और मैच में खेलना बेहतर मानते हैं, क्योंकि उनके रोल में मानसिक मजबूती ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों जैसे प्रियंश आर्य (पंजाब किंग्स) और वैभव सूर्यवंशी (राजस्थान रॉयल्स) को लेकर कहा कि इस बार उनसे ज्यादा उम्मीदें होंगी और टीमों ने उनके खिलाफ बेहतर तैयारी कर ली होगी।
उन्होंने कहा, “यह मुश्किल नहीं होगा, लेकिन इस बार दबाव ज्यादा रहेगा। हम सभी जानते हैं कि आईपीएल में प्रदर्शन का दबाव हमेशा रहता है।”
शशांक ने 2024 के अपने प्रदर्शन को याद करते हुए कहा कि वह “वन-सीजन वंडर” नहीं बनना चाहते। उन्होंने कहा, “जो खिलाड़ी एक सीजन में अच्छा करते हैं, उनके लिए अगला सीजन और भी अहम होता है क्योंकि हर टीम उनके खिलाफ योजना बनाती है और प्रदर्शन का दबाव बढ़ जाता है।”








