IPL 2026: ऋषभ पंत ने भरत अरुण पर जताया भरोसा, लखनऊ सुपर जायंट्स की गेंदबाज़ी को मिलेगी मजबूती!

लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की IPL 2025 में सबसे बड़ी कमजोरी उनकी गेंदबाज़ी रही थी, लेकिन कप्तान ऋषभ पंत का मानना है कि भरत अरुण को गेंदबाज़ी कोच बनाए जाने के बाद इस विभाग में काफी सुधार हुआ है।

पिछले सीजन में LSG का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, जहां टीम 14 मैचों में सिर्फ 6 जीत के साथ सातवें स्थान पर रही और प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाई। अब पंत IPL 2026 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।

पंत ने जियोस्टार से कहा, “फास्ट बॉलर्स के साथ कैंप शानदार रहा है। भारत अरुण सर टीम से जुड़े हैं और उनके आने के बाद से उन्होंने टीम में काफी वैल्यू जोड़ी है। हमने काफी बातचीत की है—मैं गेंदबाज़ों से क्या चाहता हूं और वह क्या जोड़ सकते हैं। टीम में पॉजिटिव एनर्जी है।”

उन्होंने आगे कहा, “वह (अरुण) बेहतरीन गेंदबाज़ी कोचों में से एक हैं और मुझे उन पर पूरा भरोसा है। मैंने उनके साथ भारतीय टीम में काम किया है। वह अपना अनुभव लेकर आते हैं। गेंदबाज़ उन पर भरोसा करते हैं और खुलकर बात करते हैं, जो किसी भी कोच के लिए जरूरी होता है। पिछले सीजन को देखते हुए हमें लगा कि गेंदबाज़ी में सुधार की जरूरत है और वह इस क्षेत्र में काफी मदद कर सकते हैं। मैं उन्हें टीम में पाकर खुश हूं।”

पंत ने यह भी कहा कि ड्रेसिंग रूम का माहौल हल्का और खुशमिजाज़ रखना जरूरी है, खासकर जब दबाव ज्यादा हो।

उन्होंने कहा, “आजकल हर कोई मस्ती करना पसंद करता है क्योंकि माहौल पहले से ही काफी तनावपूर्ण होता है। अगर आप खुद को ज्यादा तनाव में रखेंगे और खेल का आनंद नहीं लेंगे, तो आप अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाएंगे।

हमें इसे सिर्फ काम की तरह नहीं लेना चाहिए। जब हम बच्चे थे, तो हम क्रिकेट क्यों खेलते थे? क्योंकि हमें मज़ा आता था। हां, अब दांव बड़ा है, लेकिन खेल का आनंद लेना नहीं छोड़ना चाहिए।”

2022 में डेब्यू के बाद से निरंतरता के लिए जूझ रही LSG अब पंत और हेड कोच जस्टिन लैंगर के नेतृत्व में नए जोश के साथ IPL 2026 की शुरुआत करेगी।

सीजन से पहले अपनी स्थिति पर पंत ने कहा, “मैं शारीरिक और मानसिक रूप से अच्छी स्थिति में हूं। मैं हर दिन खुद पर काम करना पसंद करता हूं। क्रिकेट में आपको हर दिन मेहनत करनी होती है। आज आपका दिन हो सकता है, लेकिन कल नहीं भी हो सकता।

इसलिए लगातार मेहनत करना जरूरी है। सही फैसले लेना और परिस्थितियों को संभालना अहम है, लेकिन सबसे जरूरी है खुद को लगातार बेहतर बनाना। मेरे लिए जिंदगी में सिर्फ दो ही स्थिति होती हैं—या तो आप अच्छा कर रहे हैं या ठीक-ठाक, ‘खराब’ जैसा कुछ नहीं होता।”