
मुंबई इंडियंस के हेड कोच महेला जयवर्धने ने स्वीकार किया कि उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स के ओपनर्स यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने पूरी तरह दबाव में आ गई। उन्होंने यह भी कहा कि जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाज भी अपनी लेंथ से थोड़ा चूक गए।
बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 11 ओवर में 150/3 का मजबूत स्कोर बनाया, जिसमें जायसवाल (नाबाद 77) और सूर्यवंशी (39 रन) ने शानदार शुरुआत दी। जवाब में मुंबई इंडियंस 123/9 तक ही पहुंच सकी और 27 रन से मैच हार गई।
यह इस सीजन में मुंबई की दूसरी हार थी, इससे पहले उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर शुरुआत की थी।
जयवर्धने ने कहा, “हम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और यही हमें सुधारना होगा। हमारे पास कुछ योजनाएं थीं, लेकिन हम उन्हें सही तरीके से लागू नहीं कर सके। हमें पता था कि ये बल्लेबाज खतरनाक हैं, खासकर जब मैच छोटा हो जाए और शुरुआत में खुलकर खेलने का मौका मिले।”
“हमें शुरुआती चार-पांच ओवर में अच्छा करना था, लेकिन हमने लेंथ और लाइन दोनों में गलती की, और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया।”
उन्होंने माना कि बुमराह जैसे गेंदबाज को भी इन युवा बल्लेबाजों के सामने संघर्ष करना पड़ा। दोनों ने पहले पांच ओवर में 80 रन जोड़कर मैच का रुख बदल दिया।
“हम जानते थे कि सूर्यवंशी प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। पिछले सीजन हमने उसे कंट्रोल किया था, लेकिन इस बार उसने शानदार बल्लेबाजी की। बुमराह भी थोड़ा लेंथ मिस कर गए और वह तैयार था। उसने हमारे गेंदबाजों पर पूरी तरह दबाव बना दिया।”
जयवर्धने ने यह भी कहा कि जायसवाल की पारी मैच जिताने वाली साबित हुई।
“जायसवाल अहम खिलाड़ी थे। पहले तीन ओवर में उन्होंने आक्रामक शुरुआत दी और पूरे मैच में टिके रहे। उन्होंने बेहतरीन क्रिकेटिंग शॉट्स खेले और पारी को अंत तक संभाला।”
मुंबई की बल्लेबाजी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि टीम साझेदारी बनाने में नाकाम रही।
“हमें कुछ अच्छी साझेदारियों की जरूरत थी, लेकिन हमने जल्दी विकेट खो दिए और लय खो बैठे। आखिर में फर्क सिर्फ चार छक्कों का था, लेकिन हम वह भी नहीं कर सके।”
उन्होंने आगे कहा कि टीम को अब बैठकर अपनी गलतियों पर काम करना होगा।
“हमें अब बैठकर देखना होगा कि कहां सुधार की जरूरत है। हमें पता है कि क्या करना है, लेकिन मैदान पर जाकर उसे लागू करने के लिए आत्मविश्वास और विश्वास जरूरी है। हमें दोबारा संगठित होकर मेहनत करनी होगी।”








