
जोस बटलर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि खराब फॉर्म से बाहर निकलने के लिए धैर्य और लगातार मेहनत ही सबसे बड़ा हथियार होता है। बुधवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ गुजरात टाइटंस की जीत में उनकी शानदार पारी निर्णायक साबित हुई।
इंग्लैंड के पूर्व व्हाइट-बॉल कप्तान इस साल टी20 वर्ल्ड कप में आठ पारियों में सिर्फ 87 रन ही बना पाए थे, लेकिन आईपीएल के शुरुआती दो मैचों में 38 और 26 रन की पारियों ने संकेत दे दिया था कि उनकी फॉर्म लौटने वाली है।
इस मैच में बटलर ने 27 गेंदों पर 52 रन बनाए, जिसमें पांच शानदार छक्के शामिल थे, और गुजरात टाइटंस को 210/4 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
हालांकि, उनका योगदान सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रहा। मैच की आखिरी गेंद पर उनकी सूझबूझ ने भी टीम को जीत दिलाई।
दिल्ली कैपिटल्स को आखिरी गेंद पर 2 रन चाहिए थे और डेविड मिलर स्कोर बराबर करने के लिए सिंगल लेना चाहते थे, लेकिन वह प्रसिद्ध कृष्णा की धीमी गेंद को खेल नहीं पाए।
तभी बटलर ने तेजी से गेंद पकड़कर अंडरआर्म थ्रो से कुलदीप यादव को रन आउट कर दिया और गुजरात टाइटंस को तीन मैचों में पहली जीत दिला दी।
मैच के बाद बटलर ने कहा कि टीम को इस जीत की बेहद जरूरत थी और वह इससे बहुत खुश हैं। उन्होंने यह भी माना कि थ्रो थोड़ा किस्मत वाला था, लेकिन जीत मिलना सबसे अहम था।
35 वर्षीय बटलर ने कहा कि वह अपनी फॉर्म को लेकर लगातार मेहनत कर रहे थे और उन्हें भरोसा था कि रन जरूर आएंगे।
इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस अंक तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गई है और अब उनका अगला मुकाबला रविवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ होगा।








