
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल ने ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन की गिरती बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ग्रीन “क्रीज पर फंसे हुए नजर आते हैं, न तो मूव कर पा रहे हैं और न ही अपनी पहुंच और एथलेटिक क्षमता का सही इस्तेमाल कर पा रहे हैं।”
चैपल की यह टिप्पणी आईपीएल 2026 से पहले आई है, जिसमें 25.20 करोड़ रुपये में खरीदे गए ग्रीन कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए एक स्टार खिलाड़ी के रूप में खेलेंगे।
हालांकि, न्यू साउथ वेल्स के खिलाफ शेफील्ड शील्ड में शतक लगाने के बावजूद चैपल उनकी फॉर्म को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। SEN क्रिकेट के अनुसार, चैपल का मानना है कि गेंदबाजी पर ज्यादा ध्यान देने से उनकी बल्लेबाजी प्रभावित हुई है।
चैपल ने कहा, “गेंदबाजी का असर उनकी बल्लेबाजी पर पड़ा है। उनके पास एक महान ऑलराउंडर बनने की क्षमता है, लेकिन यह इस पर निर्भर करेगा कि उनके फैसले लेने की क्षमता और मानसिक मजबूती कैसी है, और उन्हें सही मार्गदर्शन मिल रहा है या नहीं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने पहले एक बहुत एथलेटिक बल्लेबाज देखा था, जिसकी तकनीक शानदार थी और जो हर दिशा में आसानी से मूव कर सकता था। लेकिन अब मैं एक ऐसा बल्लेबाज देख रहा हूं जो क्रीज पर जकड़ा हुआ है, न मूव कर पा रहा है, न अपनी एथलेटिक क्षमता और पहुंच का इस्तेमाल कर पा रहा है।”
टी20 वर्ल्ड कप में भी ग्रीन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। 26 वर्षीय इस खिलाड़ी ने तीन पारियों में सिर्फ 24 रन बनाए, जिसमें दो बार सिंगल डिजिट स्कोर रहा और सिर्फ एक विकेट ही हासिल कर सके।
वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में उन्होंने 3 पारियों में 93 रन बनाए थे, औसत 31.00 और स्ट्राइक रेट 124 से ज्यादा था, लेकिन टीम को 0-3 से हार का सामना करना पड़ा।
टेस्ट क्रिकेट में भी उनके आंकड़े औसत ही रहे हैं। 37 टेस्ट मैचों की 59 पारियों में उन्होंने 1736 रन बनाए हैं, औसत 32.75 के साथ, जिसमें दो शतक और सात अर्धशतक शामिल हैं। उनका आखिरी शतक दो साल पहले न्यूजीलैंड में नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए आया था, जहां उन्होंने शानदार 174* रन बनाए थे।
हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू एशेज सीरीज में उन्होंने 8 पारियों में सिर्फ 171 रन बनाए, औसत 24.42 रहा और सर्वोच्च स्कोर 45 रहा। घर पर 20 टेस्ट मैचों में उनका औसत 28.96 है, जिसमें 31 पारियों में केवल चार अर्धशतक शामिल हैं, जबकि उनकी क्षमता काफी अधिक मानी जाती है।








