
पूर्व भारतीय ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की गेंदबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनकी “मिस्ट्री स्पिन” का असर अब पहले जैसा नहीं रहा।
अश्विन के अनुसार, अब बल्लेबाज KKR के गेंदबाजी आक्रमण से पहले जितना डरते थे, उतना नहीं डरते।
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि विपक्षी टीमें अब KKR की गेंदबाजी देखकर डरेंगी। पहले मिस्ट्री और नयापन था, लेकिन अब वह खत्म हो गया है।”
अश्विन ने कहा कि वरुण चक्रवर्ती अब अपने करियर के ऐसे मोड़ पर हैं जहां उन्हें नए जवाब ढूंढने होंगे।
उन्होंने कहा, “हर खिलाड़ी के करियर में ऐसा समय आता है। वरुण को अब खुद को फिर से साबित करना होगा, क्योंकि उनका ‘नवीनता वाला फैक्टर’ खत्म हो चुका है।”
उन्होंने सुनील नरेन के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनकी गेंदबाजी में अब पहले जैसी धार नहीं रही।
“नरेन अब पहले की तरह तेज गेंद नहीं डाल सकते। ईडन गार्डन्स छोटा मैदान है, जिससे बल्लेबाज और ज्यादा आक्रामक हो सकते हैं,” उन्होंने कहा।
अश्विन ने यह भी बताया कि KKR की गेंदबाजी यूनिट चोटों और बदलावों के कारण कमजोर हुई है। मुस्तफिजुर रहमान टीम में नहीं हैं, पाथिराना चोटिल हैं और हर्षित राणा बाहर हो चुके हैं।
उन्होंने कहा,
“अब किसी एक खिलाड़ी को ज्यादा जिम्मेदारी उठानी होगी, लेकिन मुझे ऐसा कोई नजर नहीं आता जो यह कर सके।”
आकाश दीप के बाहर होने से KKR को एक और झटका लगा है।
अश्विन ने श्रेयस अय्यर के टीम में न होने को भी बड़ी कमी बताया और कहा कि उनकी कप्तानी KKR के लिए काफी अहम थी।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “‘कोरबो, लोरबो’ तो है, लेकिन ‘जीतबो’ नहीं दिख रहा।”
अश्विन ने यह भी सुझाव दिया कि अगर कोई खिलाड़ी अपनी पूरी जिम्मेदारी नहीं निभा पाता, तो आईपीएल टीमों को उसकी सैलरी काटने का अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “अगर कोई खिलाड़ी चार ओवर नहीं डाल सकता, तो टीम को उसकी सैलरी कम करने का अधिकार होना चाहिए। आखिर आपने उसे पूरी जिम्मेदारी के लिए खरीदा है।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर आप किसी खिलाड़ी पर 25 करोड़ खर्च करें और वह कहे कि मैं सिर्फ एक ओवर डालूंगा, तो आपको कैसा लगेगा?”
अब देखना दिलचस्प होगा कि KKR इन आलोचनाओं का जवाब मैदान पर कैसे देती है।








