
पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शाहीन अफरीदी ने सितंबर 2025 एशिया कप के दौरान भारत पर खेल भावना की सीमाएं लांघने का आरोप लगाया है। बुधवार को लाहौर में मीडिया से बात करते हुए शाहीन ने कहा कि पिछले साल महाद्वीपीय टूर्नामेंट में हुए भारत–पाकिस्तान मुकाबलों के दौरान भारत की ओर से “गलत प्रचार” किया गया।
शाहीन ने कहा, “सरहद के उस पार लोगों ने खेल भावना की मर्यादा का उल्लंघन किया है।”
उन्होंने आगे जोड़ा, “हमारा काम क्रिकेट खेलना है और हमारा ध्यान उसी पर है। हम मैदान पर ही जवाब देने की कोशिश करेंगे।”
उनके इस बयान से 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत और पाकिस्तान के बहुप्रतीक्षित T20 वर्ल्ड कप 2026 मुकाबले को लेकर रोमांच और बढ़ गया है।
एशिया कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मैदान पर रिश्ते बिगड़ते नज़र आए और यह तनाव बाउंड्री के बाहर तक फैल गया। टूर्नामेंट के दौरान भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाना एक अहम मुद्दा बना रहा। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इसकी शुरुआत की और मैच के बाद अन्य खिलाड़ियों ने भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से बातचीत से दूरी बनाए रखी।
तनावपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों के बीच कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मैदान पर किए गए जश्न—जैसे हारिस रऊफ का “जेट क्रैश” इशारा और साहिबज़ादा फरहान द्वारा राइफल चलाने की नकल—को व्यापक रूप से आक्रामक और अपमानजनक माना गया। इन हरकतों पर ICC आचार संहिता के तहत जुर्माने और चेतावनियां दी गईं, जिससे यह साफ हुआ कि इन उकसावों के चलते खेल शिष्टाचार प्रभावित हुआ।
फाइनल में भारत की रोमांचक जीत के बाद विवाद तब और बढ़ गया, जब टीम इंडिया ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नक़वी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं। यह फैसला टूर्नामेंट के आसपास बने प्रतिस्पर्धी माहौल को दर्शाता है।
जश्न उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब नक़वी ने खुद ट्रॉफी देने पर ज़ोर दिया। पुरस्कार समारोह को छोटा कर दिया गया, ट्रॉफी नहीं दी गई और आरोप है कि नक़वी ट्रॉफी अपने साथ लेकर कार्यक्रम स्थल से चले गए, जबकि भारतीय टीम बिना ट्रॉफी के ही जीत का जश्न मनाती रही।








