
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में संजू सैमसन ने एक और मैच जिताऊ पारी खेली, जिसमें भारत ने इंग्लैंड को सात रन से हराकर रविवार को होने वाले फाइनल में जगह बना ली। ओपनर सैमसन ने गुरुवार को 42 गेंदों में 89 रन बनाए, जबकि पिछले मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ, जो लगभग क्वार्टरफाइनल जैसा था, उन्होंने 50 गेंदों में 97 रन की शानदार पारी खेली थी।
भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि संजू अब इस स्तर पर सफलता के लिए निरंतरता के महत्व को समझने लगे हैं।
शास्त्री ने ‘द आईसीसी रिव्यू’ में कहा, “मुझे लगता है कि अब वह आखिरकार समझने लगे हैं कि उन्हें ज्यादा निरंतरता दिखानी होगी। उन्हें अपने शॉट चयन में समझदारी दिखानी होगी और अपनी ताकत पर भरोसा करना होगा। संजू के पास हर तरह के शॉट हैं, लेकिन कभी-कभी एकाग्रता में कमी दिखती है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि वह मानसिक रूप से काफी मजबूत हो गए हैं। जब से उन्होंने टीम में जगह बनाई है, तब से किसी ने भी उनकी प्रतिभा या कौशल पर कभी शक नहीं किया। लोगों को बस इस बात से निराशा थी कि अब तक उनकी निरंतरता वैसी नहीं दिखी जैसी दिखनी चाहिए थी, लेकिन अब वह परिपक्व हो चुके हैं।”
टूर्नामेंट की शुरुआत में संजू भारत की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे, लेकिन मौका मिलने पर उन्होंने उसे पूरी तरह भुनाया। लगातार दो शानदार पारियों के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला। शास्त्री का मानना है कि दुनिया ने अभी संजू का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं देखा है।
शास्त्री ने कहा, “वह अभी सिर्फ 31 साल के हैं और एक असली मैच विजेता खिलाड़ी हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब आप ऐसे शॉट देखते हैं जो उन्होंने गुरुवार को खेले, तो उसमें क्लास है, टच है, पावर है और जबरदस्त ताकत है। यह वाकई अविश्वसनीय है।”
दूसरी ओर, संजू के ओपनिंग पार्टनर अभिषेक शर्मा इस टूर्नामेंट में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सात पारियों में सिर्फ 89 रन बनाए हैं, जिसमें लगातार तीन शून्य भी शामिल हैं। फिर भी शास्त्री का मानना है कि भारत को रविवार को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले फाइनल में अभिषेक पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
शास्त्री ने कहा, “मुझे लगता है कि अब टीम को उनके साथ ही बने रहना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “कोई बदलाव मत कीजिए, क्योंकि टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उन्हें बस यह कहिए कि अपनी क्षमता पर भरोसा रखें, अपनी ताकत पर विश्वास करें और उसी के साथ खेलें। ऐसा न हो कि वह दबाव में आकर संकोच करने लगें।”
उन्होंने यह भी कहा, “हम आप पर भरोसा करते हैं, आप अपनी ताकत पर भरोसा रखें और मैदान पर जाकर खुलकर खेलें। हो सकता है कि आखिरी मैच ही आपके लिए सबसे बेहतरीन साबित हो।”








