
स्टार भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का मानना है कि सकारात्मक सोच ने उन्हें चोट से उबरकर मैदान पर “पहले से ज़्यादा मज़बूत, बड़ा और बेहतर” बनकर लौटने में मदद की है। उनका यह भी कहना है कि अपनी काबिलियत पर भरोसा रखने से उनका आत्मविश्वास और ज़्यादा बढ़ा है।
मंगलवार को कटक में खेले गए पहले टी20 इंटरनेशनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 101 रनों से करारी शिकस्त दी। यह जीत हार्दिक पांड्या की शानदार वापसी के साथ आई, जो बाएं क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण लगभग दो महीने तक टीम से बाहर रहे थे।
एशिया कप के दौरान चोटिल होने के बाद 32 वर्षीय ऑलराउंडर ने अपने कमबैक मैच में बल्ले से नाबाद 28 गेंदों पर 59 रन बनाए और गेंद से 1/16 का प्रदर्शन किया।
bcci.tv पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में पांड्या ने कहा,
“मेरा माइंडसेट हमेशा यही रहा कि मुझे पहले से ज़्यादा मज़बूत, बड़ा और बेहतर बनकर वापसी करनी है। चोटें आपको मानसिक रूप से परखती हैं और साथ ही कई तरह के संदेह भी पैदा करती हैं। इसमें अपने चाहने वालों का काफी योगदान रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं मज़बूती से खड़ा रहा, हर चीज़ को गरिमा के साथ संभाला और इसी से मेरा आत्मविश्वास और बढ़ा। मैं अपनी काबिलियत पर भरोसा करता हूं। मैं खुद पर एक खिलाड़ी के तौर पर पूरा विश्वास करता हूं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर आप खुद पर भरोसा नहीं करेंगे, तो दूसरे आप पर कैसे करेंगे।”
(हार्दिक पांड्या आने वाले दो महीनों में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भारत के अहम सदस्य होंगे।)
हार्दिक ने यह भी साफ किया कि उन्हें इस बात से ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं, क्योंकि उनका आत्मविश्वास भीतर से आता है।
उन्होंने कहा, “मैं ज़िंदगी में भी एक बहुत ईमानदार और रियल इंसान रहा हूं, जिसने मेरी काफी मदद की है। मैं चीज़ों को ज़रूरत से ज़्यादा मीठा बनाकर पेश नहीं करता। यह कभी दूसरों के बारे में नहीं होता, न ही इस बात पर कि लोग क्या सोचते हैं या कैसे देखते हैं। यह हमेशा इस बात पर होता है कि मैं अंदर से कैसा महसूस करता हूं।”
“अब वह समय है जब हार्दिक पांड्या बस क्रिकेट खेलना चाहता है, मैदान पर हर पल को एंजॉय करना चाहता है… और ज़िंदगी में मेरा मंत्र है—पहले से बड़ा और बेहतर।”
पांड्या का मानना है कि दर्शकों से उन्हें जबरदस्त ऊर्जा मिलती है, जो उन्हें उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने कहा, “आपको एक रॉकस्टार बनना चाहिए। आप आते हैं, 10 मिनट परफॉर्म करते हैं और पूरा स्टेडियम झूम उठता है— यही मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही है।”
2024 में जब हार्दिक पांड्या ने गुजरात टाइटंस से मुंबई इंडियंस की कप्तानी संभाली थी, तब मुंबई की भीड़ का रवैया काफी विरोधी था। लेकिन कैरेबियन में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप में खिताबी जीत के बाद वही भीड़ उनके समर्पित समर्थकों में बदल गई।
अपनी ज़िंदगी पर बात करते हुए हार्दिक ने कहा, “ज़िंदगी ने मुझे कई बार मुश्किलें दी हैं, लेकिन मैंने हमेशा सोचा है कि मैं उनसे कुछ अच्छा बनाऊंगा। हर बार जब मैं मैदान में उतरता हूं, तो मुझे लगता है कि पूरी भीड़ बस इंतज़ार कर रही है… वे मुझे बल्लेबाज़ी करते देखने के लिए आए हैं।”








