
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने T20I टीम के लिए अपना स्पष्ट विज़न सामने रखा है — एडेप्टेबिलिटी, डायनैमिक खेल और हर हालात में बदले के लिए तैयार रहना।
पूर्व ओपनर और वर्ल्ड कप विजेता गंभीर का कहना है कि T20 क्रिकेट में सिर्फ ओपनर्स की पोज़िशन तय होनी चाहिए, बाकी बैटिंग ऑर्डर का कोई बड़ा महत्व नहीं।
उन्होंने कहा कि बड़े और स्थापित खिलाड़ी भी लचीले हों, और कोचिंग स्टाफ का काम है कि बदलते T20 माहौल में टीम को लगातार आगे रखे।
गंभीर ने BCCI को दिए इंटरव्यू में कहा:
“पहले दिन से मेरी यही आइडियोलॉजी रही है। मैंने श्रीलंका में हेड कोच का पद संभाला, और तब से अब तक ये नहीं बदली।”
“बैटिंग ऑर्डर सिर्फ दो ओपनर्स के लिए मायने रखता है। बाकी सब शफल हो सकते हैं। T20 में रन नहीं — इम्पैक्ट मायने रखता है। लोग रन और इम्पैक्ट में फर्क नहीं कर पाते।
यह 120 गेंदों का खेल है, हर गेंद एक इवेंट है। इसलिए हमने शुरू से ही फ्लुइड बैटिंग ऑर्डर अपनाया है, और आगे भी ऐसे ही खेलेंगे।”
उन्होंने साफ कहा कि औसत या स्ट्राइक रेट टीम की सोच का हिस्सा नहीं है।
“हम बस ये सोचते हैं कि कौन किस स्थिति में कितना इम्पैक्ट डाल सकता है।”
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई पांच मैचों की T20I सीरीज़ में गंभीर की लगातार बैटिंग-ऑर्डर चेंज करने की रणनीति पर सवाल उठते रहे।
इस पर उन्होंने कहा:
“समय के साथ T20 विकसित होगा। अगर हम कोचेज़ नहीं बदले, तो हम पीछे रह जाएंगे। हम T20 क्रिकेट में समय से आगे रहना चाहते हैं। युवा खिलाड़ी इस सोच को अपनाने लगे हैं।”
भारत ने इस सीरीज़ में अलग-अलग बल्लेबाज़ों को कई पोज़िशनों पर आजमाया —
– नंबर 3 पर सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन और शिवम दुबे
– नंबर 4 पर सूर्यकुमार और तिलक वर्मा
– ओपनिंग में शुबमन गिल और अभिषेक शर्मा पूरे पांच मैचों में
टीम मैनेजमेंट के मुताबिक, यह सब अगले साल होने वाले T20 वर्ल्ड कप की तैयारी का हिस्सा है।
वर्ल्ड कप से पहले भारत के पास अब 10 T20I मैच हैं —
5 दक्षिण अफ्रीका से और 5 न्यूजीलैंड से।
गंभीर ने साफ किया कि हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल जैसे ऑलराउंडर भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं —
“कितनी टीमों के पास ऐसे स्पिन ऑलराउंडर्स हैं? अक्षर और वाशी सिर्फ गेंदबाज़ नहीं, वे बल्लेबाज़ के रूप में भी टीम में जगह बना सकते हैं।”
वॉशिंगटन सुंदर की स्थिरता और निरंतर मौके पाकर उनका उभरना गंभीर को सबसे ज़्यादा संतोष देता है।
शिवम दुबे और अन्य खिलाड़ियों को भी लगातार अवसर मिल रहे हैं।
गंभीर बोले:
“पहले हम छठे गेंदबाज़ की कमी से जूझते थे, अब हमारे पास 7-8 गेंदबाज़ी विकल्प हैं, जो ज़रूरत पड़ने पर बैटिंग भी कर सकते हैं। यही भारत की सबसे बड़ी संपत्ति है।”
उन्होंने कहा कि यदि ये खिलाड़ी ऐसे ही बढ़ते रहे, तो भारतीय क्रिकेट आने वाले समय में बेहद मजबूत स्थिति में होगा।








