संघर्ष से स्टारडम तक: टी20 वर्ल्ड कप सफलता के लिए संजू सैमसन की खास रणनीति!

भारत को टी20 वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन ने सोमवार को कहा कि टूर्नामेंट में वापसी करने और सफल होने के लिए उन्होंने एक अलग रणनीति अपनाई थी। भारत की विश्व कप जीत के बाद जब वह तिरुवनंतपुरम लौटे, तब उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।

शाम को जब सैमसन एयरपोर्ट पहुँचे तो केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के लिए सैमसन को “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” का खिताब भी मिला।

एयरपोर्ट के बाहर सैकड़ों क्रिकेट प्रशंसक इकट्ठा हो गए और सैमसन के नाम के नारे लगाने लगे।

सैमसन ने मुस्कुराते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी रणनीति में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने कहा कि पहले वह हर गेंद पर शॉट लगाने की कोशिश करते थे, जिसके कारण अक्सर जल्दी आउट हो जाते थे।

उन्होंने कहा, “मैं हर गेंद को मारने की कोशिश करता था, लेकिन वह काम नहीं कर रहा था। फिर मुझे अपनी असफलताओं से सीखना पड़ा। पांच मैचों की सीरीज में मैंने स्ट्राइक रेट बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन वह भी सफल नहीं हुआ। इसके बाद मैंने वर्ल्ड कप के लिए अलग गेम प्लान तैयार किया।”

जब उनसे यह पूछा गया कि उन्होंने अपने फॉर्म में सुधार के लिए सचिन तेंदुलकर से बात की थी, तो सैमसन ने इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बताया।

उन्होंने कहा, “हम पिछले कुछ वर्षों से संपर्क में थे। मैं उन्हें मैसेज करता था और आईपीएल के दौरान मिलने पर भी हमारी बातचीत होती थी।”

सैमसन ने बताया कि जब वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे तो सबसे पहले सचिन तेंदुलकर से ही सलाह लेने का ख्याल आया।

उन्होंने कहा, “जब मैंने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने सच में मुझे समझा। उन्होंने लगभग 25 मिनट तक मुझसे बात की और अपने करियर के अनुभव बताए—कठिन समय में क्या सोचना चाहिए, कैसे अभ्यास करना चाहिए और हालात को कैसे संभालना चाहिए। इससे मुझे बहुत मदद मिली।”

सैमसन ने बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान फॉर्म वापस पाने के बाद उन्होंने फिर से सचिन से बात की और उन्होंने उन्हें और मार्गदर्शन दिया।

उन्होंने कहा, “वर्ल्ड कप फाइनल से एक दिन पहले भी उन्होंने मुझे फोन किया और पूछा कि सब तैयारी हो गई है या नहीं। ऐसा मौका हर किसी को नहीं मिलता और मैं इसके लिए बहुत खुश हूं। फाइनल जीत के बाद भी उन्होंने मुझे बधाई दी।”

सैमसन ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया खिलाड़ियों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का असर डालता है।

उन्होंने कहा, “युवाओं को सीखना चाहिए कि इसे कैसे संभालना है। सोशल मीडिया से मुझे पता चला कि लोग मुझसे कितना प्यार करते हैं। लेकिन जब चीजें उलटी दिशा में जाती हैं तो सोशल मीडिया तभी खोलना चाहिए जब आप उसे सहन कर सकें।”

सैमसन ने बताया कि पिछले एक महीने से उन्होंने अपना फोन इस्तेमाल नहीं किया था और उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल एक टीम संभालती है।

उन्होंने कहा, “जब मैंने खुद को इससे दूर कर लिया तो बाहरी शोर को नियंत्रित करना आसान हो गया। जब देश में वर्ल्ड कप चल रहा होता है तो बहुत शोर होता है। मैंने उससे दूरी बनाकर सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान दिया।”

सैमसन ने कहा कि वर्ल्ड कप से पहले खराब प्रदर्शन के बाद जब वह तिरुवनंतपुरम से गए थे, तब ऐसी वापसी की उम्मीद नहीं थी।

उन्होंने कहा, “लेकिन ऐसा मोड़ आएगा, यह सोचा नहीं था। अब हम बहुत खुश हैं।”

सैमसन ने अपने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके पास शब्द नहीं हैं।

उन्होंने कहा, “जब मैं टीम में नहीं चुना गया, जब टीम में था या जब अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया—हर मुश्किल समय में लोगों ने मेरा साथ दिया। मुझे लगा कि उनके समर्थन का कर्ज चुकाना मेरी जिम्मेदारी है। मैं यह प्रदर्शन अपने राज्य के लोगों को समर्पित करता हूं।”

उन्होंने कहा कि इस समय उनका दिल कृतज्ञता से भरा हुआ है।

सैमसन ने बताया कि उनकी पत्नी उन्हें अक्सर लोगों के समर्थन और दुआओं वाले वीडियो दिखाती थीं।

उन्होंने कहा, “उन्हें देखकर मेरी आंखों में आंसू आ जाते थे और मैं सोचता था कि क्या मैं सच में इतने प्यार के लायक हूं।”

अगर इंटरव्यू के बाद समय मिला तो वह दो दिन अपने माता-पिता के साथ बिताना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया है कि वर्ल्ड कप जीत के जश्न के लिए अगले दिन नई दिल्ली में एक कार्यक्रम हो सकता है। इसकी पुष्टि जल्द होगी और फिर मुझे वहां जाना पड़ सकता है।”