
मुकुल चौधरी ने अपनी शानदार बल्लेबाज़ी से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जब उन्होंने अकेले दम पर कोलकाता नाइट राइडर्स के हाथों से जीत छीन ली। 182 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स हार के करीब थी, लेकिन 21 वर्षीय मुकुल ने 27 गेंदों में नाबाद 54 रन की धमाकेदार पारी खेलकर टीम को जीत दिला दी।
आयुष बदोनी के आउट होने के बाद केकेआर को लगा कि मैच अब उनके हाथ में है, लेकिन उन्हें मुकुल की क्षमता का अंदाजा नहीं था। उन्होंने दबाव में शांत रहते हुए चौके-छक्के लगाए और टीम को मैच में बनाए रखा। खासकर उनका हेलीकॉप्टर शॉट, जो उनके आदर्श महेंद्र सिंह धोनी की याद दिलाता है, काफी चर्चा में रहा।
लेकिन इस सफलता के पीछे मुकुल की एक लंबी संघर्ष भरी कहानी है।
मुकुल की क्रिकेट यात्रा उनके पिता के सपने से शुरू हुई। उन्होंने 12-13 साल की उम्र में झुंझुनू में खेलना शुरू किया, जहां संसाधन बहुत सीमित थे। बेहतर अवसरों की तलाश में वह जयपुर और फिर गुरुग्राम गए, जहां उन्होंने टी20 क्रिकेट पर खास ध्यान दिया।
मुकुल ने कहा, “मेरे पापा का सपना था कि उनका बेटा क्रिकेट खेले। शुरुआत में हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। मैंने 12-13 साल की उम्र में खेलना शुरू किया। झुंझुनू में ज्यादा अकादमियां नहीं थीं, इसलिए मैं जयपुर गया और फिर टी20 क्रिकेट को देखते हुए गुरुग्राम चला गया, जहां 3-4 महीने रहा।”
उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी का बड़ा मोड़ अंडर-19 मैच के दौरान आया, जब उन्होंने उत्तर प्रदेश के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में अच्छा प्रदर्शन किया।
“मेरे पापा बताते हैं कि यूपी के खिलाफ अंडर-19 मैच में मैंने रन बनाए थे, और तभी उन्हें यकीन हुआ कि मैं आगे जा सकता हूं,” उन्होंने कहा।
मुकुल ने यह भी बताया कि यह उनका फ्लडलाइट में सिर्फ दूसरा मैच था, लेकिन उन्होंने दबाव को मौका समझा।
“दबाव हमेशा होता है, लेकिन भगवान ने जो मौका दिया है, उसे मैं अवसर की तरह लेता हूं। मेरा प्लान था कि अंत तक खेलूं और मुझे खुद पर इतना भरोसा था कि अगर मैं अंत तक टिक गया, तो टीम को जीत दिला सकता हूं,” उन्होंने कहा।
लखनऊ सुपर जायंट्स के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने भी उनकी इस पारी को उनके करियर का बड़ा पल बताया।
उन्होंने कहा, “ऐसे खिलाड़ी बहुत कम होते हैं जैसे टिम डेविड और आंद्रे रसेल। मैं तुलना नहीं करूंगा, लेकिन मुकुल ने अपने करियर में इसी तरह मैच फिनिश किए हैं। वह अभी बहुत युवा है और उसकी आंखों में भूख साफ दिखती है।”
लैंगर ने आगे कहा कि मुकुल लगातार खुद को बेहतर बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
“जब कोई खिलाड़ी नई शुरुआत करता है, तो वह खुद को साबित करने की पूरी कोशिश करता है। हमने उसके खेल में कई चीजें देखीं और उसने शॉर्ट बॉल पर भी काफी मेहनत की है। उसका सीखने का जज्बा शानदार है,” उन्होंने कहा।
मुकुल की यह पारी न सिर्फ उनकी मेहनत का नतीजा है, बल्कि उनके सपनों के सच होने की कहानी भी है, जिसने उन्हें आईपीएल की बड़ी पहचान दिला दी है।








