20 साल के युवा खिलाड़ी से वर्ल्ड चैंपियन तक: रोहित शर्मा ने याद किया 2007 टी20 वर्ल्ड कप का ऐतिहासिक सफर!

भारत को पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले रोहित शर्मा के अनुसार, 2007 में टूर्नामेंट के पहले संस्करण में टीम इंडिया की जीत ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया था।

भारत ने 2007 में जोहान्सबर्ग में खेले गए रोमांचक फाइनल में पाकिस्तान को 5 रन से हराकर अपना पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता था।

उस टूर्नामेंट में रोहित शर्मा ने तीन मैचों में 88 रन बनाए थे। इसमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई नाबाद 50 रन की अहम पारी और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में 16 गेंदों में तेज़ 30 रन की पारी शामिल थी, जिसने भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।

जियोहॉटस्टार पर बातचीत के दौरान रोहित शर्मा ने कहा,
“2007 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान मैं टीम में अपने पहले ही साल में था और मेरी उम्र सिर्फ 20 साल थी। उस ट्रॉफी को जीतने के बाद हमें लगा कि हम आगे भी जीत की राह पर चलते रहेंगे।”

पूर्व बल्लेबाज़ संजय मांजरेकर ने भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के प्रभाव की जमकर सराहना की और बताया कि कैसे उन्होंने टीम को दो वर्ल्ड कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई।

धोनी अपने शांत और संयमित नेतृत्व तथा मैच बदलने वाले फैसलों के लिए ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर हुए। इन्हीं खूबियों के चलते उन्हें आईसीसी हॉल ऑफ फेम में भी जगह मिली। धोनी अब तक के एकमात्र कप्तान हैं जिन्होंने तीनों प्रमुख आईसीसी व्हाइट-बॉल ट्रॉफी जीती हैं—2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी।

उन्होंने 2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी जीता था और 2007 टी20 वर्ल्ड कप में भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे थे।

मांजरेकर ने कहा, “धोनी की महानता यह थी कि बड़े मंच पर वह विपक्षी कप्तान की तुलना में कहीं बेहतर तरीके से दबाव संभाल लेते थे।”