
आईपीएल 2026 के दौरान अरुण जेटली स्टेडियम में हुए एक मैच में एंट्री को लेकर विवाद सामने आया है। दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोप लगाया है कि वैध टिकट होने के बावजूद उन्हें और उनके मेहमानों को अंदर जाने से रोक दिया गया, जबकि शीर्ष अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
डीडीसीए के निदेशक आनंद वर्मा ने सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी को दी गई शिकायत में बताया कि 4 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस मैच के दौरान उन्हें हॉस्पिटैलिटी सेक्शन में प्रवेश नहीं दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम पर जारी टिकट पहले ही “अनधिकृत व्यक्तियों” द्वारा इस्तेमाल किए जा चुके थे।
वर्मा ने कहा, “जब मैं और मेरे मेहमान स्टेडियम के निर्धारित प्रवेश द्वार पर पहुंचे, तो सुरक्षा कर्मियों ने हमें रोक दिया और अंदर जाने से मना कर दिया।”
उन्होंने आगे बताया कि जांच करने पर उन्हें पता चला कि उनके पास मौजूद दोनों कॉम्प्लिमेंट्री टिकट पहले ही स्कैन होकर इस्तेमाल किए जा चुके थे।
वर्मा ने इस कथित गड़बड़ी की जानकारी डीडीसीए के मुख्य वित्त अधिकारी मनन गुप्ता और अध्यक्ष रोहन जेटली को भी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि तुरंत कार्रवाई करने के बजाय उन्हें टिकट प्रभारी भुषण का संपर्क दिया गया, लेकिन उनसे भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
वहीं, डीडीसीए के सचिव अशोक शर्मा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे तकनीकी समस्या बताया।
उन्होंने कहा, “दिल्ली कैपिटल्स ने हमें बताया कि यह तकनीकी गड़बड़ी थी। कभी-कभी स्कैनर बारकोड को पढ़ नहीं पाता।”
वर्मा ने इस मामले को “विश्वास का गंभीर उल्लंघन” बताते हुए कहा कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंतरिक व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता को दर्शाता है और सुरक्षा कर्मियों की मिलीभगत से अनधिकृत लोगों को प्रवेश मिला, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।
गौरतलब है कि आईपीएल के इस सीजन में दिल्ली में अभी पांच और मैच खेले जाने हैं, ऐसे में इस तरह के विवाद से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।








