
कॉलरबोन (हंसली) की चोट से वापसी करने के बाद टी नटराजन IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए शानदार प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज़ ने माना कि चोट के बाद वापसी बिल्कुल आसान नहीं थी और उन्हें सीजन शुरू होने से पहले कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
35 वर्षीय नटराजन ने पिछले सीजन में सिर्फ दो मैच खेले थे, लेकिन IPL 2026 में वह टीम के डेथ ओवर्स के मुख्य गेंदबाज़ बन चुके हैं।
नटराजन ने कहा,
“पिछले साल मुझे कॉलरबोन की चोट लगी थी और वह मेरे लिए बहुत मुश्किल समय था। टीम मैनेजमेंट, सपोर्ट स्टाफ और कोच लगातार मुझे प्रेरित करते रहे और सही ट्रेनिंग के बारे में मार्गदर्शन देते रहे।”
उन्होंने बताया कि उन्होंने दिल्ली, सूरत, हैदराबाद और दुबई में कई ट्रेनिंग कैंप अटेंड किए, जिससे उन्हें अपनी लय और आत्मविश्वास वापस पाने में मदद मिली।
“चोट के बाद वापसी करना मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से मुश्किल होता है। हर बार जब मैं अच्छा कर रहा होता था, कोई न कोई चोट बीच में आ जाती थी,” उन्होंने कहा।
नटराजन ने पिछले 6-7 महीनों में अपनी फिटनेस और गेंदबाज़ी पर काफी मेहनत की है।
“मैंने अपनी यॉर्कर और रिदम वापस पाने के लिए खूब अभ्यास किया। अब मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है और मैं अपनी प्रगति से खुश हूं।”
उन्होंने यह भी बताया कि बचपन से टेनिस बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव उनके काम आया।
“मैंने अपनी गेंदबाज़ी सुधारने के लिए टेनिस बॉल, वेटेड बॉल और रेड बॉल से प्रैक्टिस की।”
नटराजन ने भुवनेश्वर कुमार से मिली सलाह का भी जिक्र किया, जिन्होंने उन्हें रेड बॉल से अभ्यास करने की सलाह दी ताकि उनकी लेंथ कंट्रोल बेहतर हो सके।
“क्रिकेट अब बहुत बदल गया है और बल्लेबाज़ पहले से ज्यादा समझदार हो गए हैं। इसलिए मेरे लिए प्लानिंग में स्पष्टता बहुत जरूरी है। हर स्थिति में मुझे पता होना चाहिए कि मुझे क्या करना है,” उन्होंने कहा।
“अगर मुझे मार भी पड़ती है, लेकिन अगर मेरी योजना साफ है, तो मुझे खुद पर भरोसा रहता है कि मैं अच्छा कर सकता हूं।”








