एशेज हार के बावजूद ब्रेंडन मैकुलम को मिला समर्थन, कोच पद पर बने रहेंगे!

इंग्लैंड टीम की एशेज में करारी हार के बावजूद कोच ब्रेंडन मैकुलम अपने पद पर बने रहेंगे। इंग्लैंड क्रिकेट के प्रमुख रिचर्ड गूल्ड का मानना है कि मैकुलम में “खुद को ढालने और विकसित होने” की क्षमता है।

जनवरी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम को 1-4 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने “गहन समीक्षा” का वादा किया था।

खराब प्रदर्शन के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर भी सवाल उठे थे। ब्रेक के दौरान खिलाड़ियों के ज्यादा शराब पीने की खबरें सामने आईं। वहीं उप-कप्तान हैरी ब्रूक के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान एक बार बाउंसर से झगड़े की खबर भी आई थी।

चार साल पहले ऑस्ट्रेलिया में 0-4 की हार के बाद क्रिस सिल्वरवुड और एश्ले जाइल्स को पद छोड़ना पड़ा था, लेकिन इस बार ECB ने समीक्षा के बाद मौजूदा नेतृत्व टीम पर भरोसा जताया है।

इसका मतलब है कि मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की, कोच मैकुलम और कप्तान बेन स्टोक्स—तीनों अपने-अपने पदों पर बने रहेंगे।

2022 में कोच बनने के बाद 44 वर्षीय मैकुलम ने इंग्लैंड में आक्रामक “बैजबॉल” स्टाइल की शुरुआत की, जिससे टीम को कई शानदार जीत मिलीं। हालांकि, उनकी रणनीति अब तक ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ जीतने में सफल नहीं हो सकी है।

मैकुलम के कॉन्ट्रैक्ट में अभी 18 महीने बाकी हैं, जिसकी सालाना कीमत लगभग 10 लाख पाउंड (करीब 13 लाख डॉलर) बताई जाती है।

लॉर्ड्स में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ECB के CEO गूल्ड ने कहा, “हमने नेतृत्व के सही संयोजन पर काफी विचार किया। हमने देखा कि सभी लोग खुद को सुधारने और सीखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एशेज की निराशा से सबक लेकर आगे बढ़ने का इरादा है।”

उन्होंने आगे कहा, “एशेज में जो हुआ उससे सभी आहत हैं, लेकिन अब सब कुछ सही करने और 2027 में ऑस्ट्रेलिया के इंग्लैंड दौरे पर बदला लेने के लिए तैयार हैं।”

रॉब की ने भी माना कि टीम में खराब प्रदर्शन के लिए अक्सर सख्त कार्रवाई की कमी रही है।

हालांकि गूल्ड ने कहा कि फैसले लोकप्रियता के आधार पर नहीं लिए जाते, “मेरे पिता फुटबॉल मैनेजर थे, वहां खिलाड़ियों को निकालना आम बात थी, लेकिन यह हमेशा सही समाधान नहीं होता। किसी को हटाना आसान होता है, लेकिन हम वह रास्ता नहीं अपनाएंगे।”

एशेज हार के बाद रॉब की ने भी माना कि यह समय काफी कठिन रहा, “हम सभी के लिए यह बेहद मुश्किल समय था। हम यह काम लोकप्रिय बनने के लिए नहीं करते, बल्कि फर्क लाने के लिए करते हैं। मुझे लगता है अभी बहुत काम बाकी है।”

अब इंग्लैंड इस सीजन में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ दो तीन-टेस्ट सीरीज़ खेलेगा, जिसकी शुरुआत 4 जून से न्यूजीलैंड के खिलाफ होगी।