बीसीसीआई ने चक्रवात पीड़ितों के लिए चैरिटी टी20 मैचों की श्रीलंका की अपील ठुकराई!

बीसीसीआई ने कथित तौर पर श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें दिसंबर में चक्रवात डिटवाह से प्रभावित लोगों के लिए धन जुटाने हेतु कुछ टी20 चैरिटी मैच खेलने का अनुरोध किया गया था। एसएलसी अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने यह जानकारी पत्रकारों को दी। हालांकि, भारत का अगस्त में होने वाला श्रीलंका दौरा, जिसमें दो टेस्ट और दो टी20 मैच शामिल हैं, तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।

इस चक्रवात में श्रीलंका को भारी नुकसान हुआ है—करीब 600 लोगों की मौत हुई और लगभग 1.6 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान आंका गया है।

सिल्वा ने कहा, “हमने डिटवाह चक्रवात के पुनर्निर्माण के लिए 27 और 29 दिसंबर को दो मैचों का दौरा करने पर चर्चा की थी, लेकिन व्यावसायिक पक्ष पर समय रहते सहमति नहीं बन पाई।”

उन्होंने बताया कि अगस्त में दो टेस्ट और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों वाला एक पूरा दौरा शुरू होगा।

एसएलसी प्रमुख के अनुसार, अगले हफ्ते मध्य शहर डंबुला में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों से होने वाली आय चक्रवात राहत कोष में दी जाएगी।

सिल्वा ने यह भी कहा कि बोर्ड अगले महीने शुरू होने वाले पुरुषों के टी20 विश्व कप की तैयारियों में जुटा है। इस दिशा में सबसे बड़ा काम ऐतिहासिक एसएससी ग्राउंड्स का नवीनीकरण है।

एसएलसी के कोषाध्यक्ष सुजीवा गोदालियड्डा ने बताया,
“हम अल्पकालिक तौर पर फ्लडलाइट्स लगाने के लिए 1.75 अरब श्रीलंकाई रुपये खर्च कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि एसएलसी मुख्यालय वाले इस सदियों पुराने मैदान के लिए लाइटिंग इटली से आएगी, जबकि पायलन भारत से मंगाए गए हैं।

दीर्घकालिक सुधारों में दर्शकों की क्षमता 20,000 से बढ़ाकर 30,000 करने की योजना भी शामिल है।

एसएलसी के सीईओ समांथा दोडनवेला ने कहा कि शहर में सबसे बेहतर सुविधाओं वाले क्लब के रूप में इस मैदान को एसएलसी की मान्यता काफी पहले मिल जानी चाहिए थी।
उन्होंने जोड़ा, “लंबी अवधि में हम यहां डे-नाइट टेस्ट मैचों की मेजबानी की उम्मीद कर सकते हैं।”

हालांकि, किसी भी एसएलसी अधिकारी ने भारत के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट कराने की बात नहीं कही, बावजूद इसके कि कुछ समाचार एजेंसियों में ऐसी रिपोर्टें आई थीं।

7 फरवरी को एसएससी विश्व कप का उद्घाटन मुकाबला—पाकिस्तान बनाम नीदरलैंड्स—दिन का मैच आयोजित करेगा। इस मैदान पर कुल चार और मैच भी तय हैं। 1982 में इसी मैदान पर श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला घरेलू वनडे खेला था।