
बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ से बाबर आज़म को बाहर किए जाने के असली कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पाकिस्तान यह सीरीज़ 1-2 से हार गया, जिसमें ढाका में खेले गए आखिरी मुकाबले में करीबी हार मिली।
इस फैसले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट में लगातार बहस जारी है। चयनकर्ता, हेड कोच माइक हेसन और खुद बाबर आज़म के अलग-अलग बयानों ने स्थिति को और उलझा दिया है कि आखिर उन्हें टीम से आराम दिया गया था या ड्रॉप किया गया था।
जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश दौरे के लिए टीम का ऐलान किया था, तब यह साफ नहीं किया गया था कि बाबर और कुछ अन्य सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है या बाहर किया गया है।
पिछले शनिवार को चयनकर्ता आकिब जावेद ने मीडिया से कहा कि बाबर आज़म और फखर ज़मान टी20 वर्ल्ड कप के बाद चोटिल थे।
उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए भी हैरानी की बात है। हमने PCB से कहा है कि इस मामले की जांच करे और पता लगाए कि वर्ल्ड कप के बाद उन्हें चोट कैसे लगी और क्या वे पूरी तरह फिट होकर खेले थे या नहीं।”
हालांकि, अगले ही दिन बाबर आज़म ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर अपनी फिटनेस को लेकर किए गए दावे पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए, जिससे विवाद और बढ़ गया।
इसके बाद, ढाका में तीसरे और अंतिम वनडे में हार के बाद हेड कोच माइक हेसन ने नया बयान जारी करते हुए कहा कि बाबर और अन्य सीनियर खिलाड़ियों को युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए आराम दिया गया था।
इस सीरीज़ में पाकिस्तान ने चार नए खिलाड़ियों—माज़ सदाकत, शमील हुसैन, गाजी घोरी और साद मसूद—को मौका दिया, जिन्होंने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया था। इसके अलावा साहिबजादा फरहान और अब्दुल समद ने भी अपना वनडे डेब्यू किया।
टीम मैनेजमेंट ने इस सीरीज़ में इन सभी नए खिलाड़ियों को आजमाया और हेसन ने उनके प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की अपनी क्षमता दिखाई है।
सोशल मीडिया पर कई पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों और फैंस ने PCB से मांग की है कि बाबर आज़म को बाहर किए जाने का स्पष्ट कारण बताया जाए।
वहीं, कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने आकिब जावेद पर बाबर के खिलाफ व्यक्तिगत पक्षपात रखने का आरोप भी लगाया है, जिससे यह विवाद और गहरा हो गया है।








