
इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ मार्क वुड पहले टेस्ट में पर्थ में लगी बाएं घुटने की चोट के दोबारा उभर आने के कारण एशेज़ सीरीज़ के बाकी मैचों से बाहर हो गए हैं। टीम ने मंगलवार को घोषणा की कि वुड इस हफ्ते के अंत में स्वदेश लौटेंगे और अपने रिकवरी व रिहैबिलिटेशन पर ध्यान देंगे।
35 वर्षीय डरहम के तेज़ गेंदबाज़ का बाहर होना इंग्लैंड की अपेक्षाकृत अनुभवहीन गेंदबाज़ी आक्रमण के लिए बड़ा झटका है, जिसे ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ों ने गाबा में बखूबी संभालते हुए आठ विकेट से जीत दर्ज की थी।
लंबे समय तक चले घुटने के रिहैबिलिटेशन के बाद पर्थ का मैच वुड का 15 महीनों में पहला टेस्ट था।
सोशल मीडिया पर एक संदेश में वुड ने कहा कि वह “गटेड” हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।
उन्होंने लिखा, “विस्तृत सर्जरी और टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए 7 लंबे, कठिन महीनों की मेहनत और रिहैब के बाद भी मेरा घुटना साथ नहीं दे पाया।
हममें से किसी को इसकी उम्मीद नहीं थी। मैं यहां बड़ा प्रभाव छोड़ने की उच्च उम्मीदों के साथ आया था। मैं बेहद निराश हूं कि और इंजेक्शन तथा गहन मेडिकल ट्रीटमेंट के बावजूद यह साफ हो गया है कि घुटने की यह समस्या उम्मीद से कहीं ज्यादा गंभीर है।”
उसी दिन ऑस्ट्रेलिया ने भी घोषणा की कि भरोसेमंद तेज़ गेंदबाज़ जोश हेज़लवुड हैमस्ट्रिंग और अकिलीज़ की समस्या के कारण एशेज़ में हिस्सा नहीं लेंगे।
इंग्लैंड लायंस के साथ ऑस्ट्रेलिया में मौजूद सरे के तेज़ गेंदबाज़ मैथ्यू फ़िशर को इंग्लैंड स्क्वॉड में शामिल किया गया है और वह इस हफ्ते टीम से जुड़ेंगे। फ़िशर ने 2022 के वेस्टइंडीज़ दौरे पर अपना इकलौता टेस्ट खेला था।
गाबा में इंग्लैंड की तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण में जोफ़्रा आर्चर, ब्रायडन कार्स और गस एटकिंसन शामिल थे, जबकि विल जैक्स ने पार्ट-टाइम स्पिन और ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने चौथे सीमर की भूमिका निभाई। तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया के निचले क्रम के बल्लेबाज़ों ने दो से अधिक सत्रों तक संघर्ष किया, क्योंकि मेज़बानों ने इंग्लैंड की पहली पारी के 334 रनों के जवाब में 511 रन बनाए।
पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया 2-0 से आगे है और 17 दिसंबर से शुरू होने वाले एडिलेड के तीसरे टेस्ट को ड्रॉ कराकर भी ट्रॉफी अपने नाम कर सकता है।








