‘बैटल ऑफ द सेक्सेस’ प्रदर्शनी मैच में निक किर्गियोस ने आर्यना सबालेंका को हराया!

!रविवार को खेले गए “बैटल ऑफ द सेक्सेस” मुकाबले में निक किर्गियोस ने महिला टेनिस की विश्व नंबर-1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को हरा दिया। बदले हुए नियमों के तहत खेले गए इस मुकाबले ने टेनिस फैंस के बीच तीखी बहस छेड़ दी।

दुबई में हुए इस प्रदर्शनी मैच में, पूर्व विंबलडन फाइनलिस्ट किर्गियोस ने 6-3, 6-3 से जीत दर्ज की। यह मुकाबला 1973 में बिली जीन किंग और बॉबी रिग्स के ऐतिहासिक मैच से काफी अलग था।

1973 में जब यह ऐतिहासिक मुकाबला हुआ था, तब बिली जीन किंग द्वारा शुरू किया गया महिला प्रोफेशनल टूर अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा था और महिला खिलाड़ियों की इनामी राशि पुरुष खिलाड़ियों से कहीं कम थी। उस समय ह्यूस्टन में 55 वर्षीय बॉबी रिग्स को बिली जीन किंग ने 6-4, 6-3, 6-3 से हराया था। किंग को महिला टेनिस की महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है और वह उस दौर में अपने करियर के शिखर पर थीं।

रविवार के मैच में किर्गियोस की ताकत और रफ्तार के फायदे को कम करने के लिए नियम बदले गए थे। सबालेंका की साइड का कोर्ट नौ प्रतिशत छोटा रखा गया था और दोनों खिलाड़ियों को केवल एक-एक सर्व की अनुमति थी।

यह आयोजन उस एजेंसी द्वारा कराया गया, जो दोनों खिलाड़ियों का करियर संभालती है, लेकिन कई लोगों ने इसकी मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि इसका मकसद सिर्फ पैसा और टीवी रेटिंग्स हो सकता है।

इसके अलावा यह बहस भी हुई कि किर्गियोस जैसे खिलाड़ी का इस तरह के मुकाबले में होना कितना सही है, क्योंकि उन्होंने 2021 में अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड को मारने की बात स्वीकार की थी और पहले भी महिलाओं को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं।

2022 के विंबलडन उपविजेता किर्गियोस पिछले तीन सीज़न में सिर्फ छह टूर-लेवल मैच खेले हैं और उनकी रैंकिंग गिरकर 671 हो गई है। इसके बावजूद 30 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने चार बार की ग्रैंड स्लैम सिंगल्स चैंपियन सबालेंका को मात दी।

मैच के बाद किर्गियोस ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो यह बहुत कठिन मुकाबला था। वह शानदार खिलाड़ी हैं और एक बेहतरीन चैंपियन भी। उन्होंने कई बार मेरी सर्व तोड़ी और मुझे पूरी तरह ध्यान लगाना पड़ा। मैं सच में फिर से उनके खिलाफ खेलना चाहूंगा और उनकी प्रतिभा और मेरी बची हुई ताकत दिखाना चाहूंगा। यह मुकाबला आखिर तक काफी कड़ा रहा।”

जब सबालेंका “आई ऑफ द टाइगर” म्यूज़िक पर चमकदार जैकेट पहनकर कोर्ट में आईं, तो किर्गियोस ने माना कि वह घबराए हुए थे।

उन्होंने कहा, “बिल्कुल, मैं नर्वस था। बहुत कम लोग ऐसी स्थिति में खेलने के लिए तैयार होते। सबालेंका इस चुनौती के लिए तैयार थीं और स्कोरलाइन भी काफी करीबी रही।”

इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन के फाइनल हारने के बाद, लेकिन सितंबर में फिर से यूएस ओपन जीतने वाली सबालेंका ने भी दोबारा किर्गियोस के खिलाफ खेलने की इच्छा जताई।

सबालेंका ने कहा, “मुझे लगता है मैंने अच्छी टक्कर दी। वह संघर्ष कर रहे थे और काफी थक गए थे। मैंने कई अच्छे शॉट लगाए, नेट पर गई, ड्रॉप शॉट्स खेले। पूरा शो एंजॉय किया। अगली बार जब मैं उनके खिलाफ खेलूंगी तो मुझे उनकी ताकत और कमजोरियों की समझ होगी और यह मुकाबला और भी बेहतर होगा। मुझे खुद को चुनौती देना पसंद है और मैं फिर से खेलना चाहूंगी।”