
पूर्व भारतीय कप्तान और कोच अनिल कुंबले का मानना है कि आक्रामक ओपनर अभिषेक शर्मा को अपने खेल में वही संतुलन लाना होगा, जैसा वीरेंद्र सहवाग ने अपने करियर के दौरान किया था—आक्रामकता और लंबी पारी के बीच सही तालमेल।
25 वर्षीय अभिषेक हाल के समय में टॉप ऑर्डर के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक रहे हैं। उनकी हाई-रिस्क, हाई-रिवार्ड खेलने की शैली टीम को तेज शुरुआत दिलाती है। हालांकि, अक्सर देखा गया है कि वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदल नहीं पाते।
कुंबले ने कहा, “मैं उन्हें वीरेंद्र सहवाग से जोड़कर देखता हूं, क्योंकि वह हर गेंद पर शॉट खेलने की कोशिश करते हैं। जब सहवाग टेस्ट से वनडे और फिर टी20 में आए, तो उन्होंने समझा कि उन्हें अपनी पारी को थोड़ा अलग तरीके से बनाना होगा।
लेकिन सहवाग फिर भी 140-150 के स्ट्राइक रेट से खेलते थे। अभिषेक को भी यह समझने की जरूरत है कि अगर वह 200 के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें 300 के स्ट्राइक रेट की ओर जाना है। उन्हें सामान्य खेलते हुए ज्यादा गेंदें खेलनी होंगी।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर अभिषेक शर्मा 20 गेंदें खेलते हैं, तो वह आसानी से 50 के आसपास पहुंच सकते हैं। हमने यह संजू सैमसन के साथ देखा है—वह 40-50 पर आउट नहीं होते, बल्कि पारी को आगे बढ़ाकर 85-90 तक ले जाते हैं। टी20 में यही जरूरी है।”
कुंबले को उम्मीद है कि इस सीजन में अभिषेक के खेल में यह परिपक्वता देखने को मिलेगी, जिसकी सनराइजर्स हैदराबाद को भी उम्मीद होगी।
टी20 वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अभिषेक अब आईपीएल में वापसी करेंगे, जो 28 मार्च से शुरू हो रहा है।
वहीं, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने भी अभिषेक को लेकर कहा कि अब उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी उठानी होगी और निरंतरता दिखानी होगी।
डिविलियर्स ने कहा, “वह अब 25 साल के हैं, 20 के नहीं। यह वह समय है जब उन्हें जिम्मेदारी लेनी होगी। मीडिया का दबाव रहेगा और लोग उनसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद करेंगे।
टी20 वर्ल्ड कप में वह थोड़े अस्थिर रहे, जो निराशाजनक था। फाइनल में उन्होंने अच्छा खेला, लेकिन बाकी टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उतना खास नहीं रहा। आईपीएल 2025 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया—करीब 200 के स्ट्राइक रेट से 400 से ज्यादा रन बनाए—लेकिन फिर भी वह और बेहतर कर सकते थे।”
उन्होंने आगे कहा कि “कंसिस्टेंसी” (निरंतरता) ही वह चीज है, जिस पर अभिषेक को काम करना होगा।
“दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज होने के साथ उम्मीदों का दबाव भी आता है। यही क्रिकेट का सबसे खतरनाक पहलू है, जब आपको लगता है कि पूरी दुनिया आपसे उम्मीद कर रही है। अब यह अभिषेक पर है कि वह इन मानसिक चुनौतियों से कैसे निपटते हैं।”








