
महान लेग–स्पिनर अनिल कुंबले ने ईडन गार्डेंस की ख़तरनाक पिच पर भारत द्वारा अपने प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को पहला ओवर न देने के फैसले को “संदिग्ध” बताया, खासकर उस दिन जब भारत रविवार को दक्षिण अफ्रीका से पहले टेस्ट में 30 रन से हार गया।
तीसरे दिन की दोपहर भारत 124 के लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ़ 93 पर ढह गया।
दिन की शुरुआत बाएँ हाथ की स्पिन जोड़ी — अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा — ने की, क्योंकि कप्तान शुभमन गिल गर्दन की चोट के कारण खेल नहीं पाए और कमान ऋषभ पंत ने संभाली।
दक्षिण अफ्रीका, जो दूसरे दिन 75/6 पर संघर्ष कर रहा था, ने शानदार वापसी की। कप्तान टेम्बा बवुमा ने नाबाद अर्धशतक (55) बनाया और कॉर्बिन बॉश (25) के साथ आठवें विकेट के लिए 44 रन जोड़े।
बुमराह ने बॉश को आउट कर यह साझेदारी तोड़ी, जिसके बाद मोहम्मद सिराज ने एक ही ओवर में साइमन हार्मर और केशव महाराज को आउट कर दक्षिण अफ्रीका को दूसरी पारी में 153 पर समेट दिया।
कुंबले ने जियोहॉटस्टार पर कहा— “123 का लक्ष्य काफ़ी बड़ा साबित हुआ। जब दिन शुरू हुआ, दक्षिण अफ्रीका 63/7 था और उतनी ही बढ़त थी। बवुमा क्रीज़ पर थे। लेकिन इतने मुश्किल हालात में फैले हुए फील्ड लगाना और अपने सबसे बेहतरीन गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को पहला ओवर न देना— यह फैसला संदिग्ध था। तीनों विकेट तेज़ गेंदबाज़ों ने ही लिए थे।”
उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बवुमा की जमकर तारीफ़ की और कहा कि उनके रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें वह सम्मान नहीं मिलता जिसके वे हकदार हैं।
कुंबले बोले— “कुल मिलाकर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को हर विभाग में पछाड़ा। टेम्बा बवुमा को पूरा श्रेय मिलना चाहिए — उन्हें वह पहचान नहीं मिलती जिसकी वे हकदार हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के कप्तान के तौर पर 11 में से 10 टेस्ट जीते हैं और टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप भी दिलाई है। एक बल्लेबाज़ के तौर पर भी उन्होंने शानदार पारियाँ खेली हैं — पहले डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल में और अब यहाँ। वे खिलाड़ी और कप्तान दोनों रूपों में बेहतरीन रहे हैं।”
कुंबले ने बवुमा की कप्तानी और गेंदबाज़ों का उपयोग करने की रणनीति की भी सराहना की।
उन्होंने कहा— “मुझे लगा कि उन्होंने दो बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ों के समय आइडन मार्कराम को गेंद थमाकर अच्छा कदम उठाया। वॉशिंगटन सुंदर, साइमन हार्मर को अच्छे से खेल रहे थे।
हाँ, एक ओवर केशव महाराज से करवाना शायद चूक थी, क्योंकि अक्षर उन्हें आक्रामक तरीके से खेल रहे थे। लेकिन बवुमा ने जोखिम लिया जो अंत में सफल रहा। उस ओवर में 16 रन पड़े, लेकिन इससे मैच हाथ में आ गया। उन्होंने वीयान मुल्डर को एक भी ओवर नहीं कराया और मार्को यानसन, कॉर्बिन बॉश, दो स्पिनरों और मार्कराम के समझदारी भरे इस्तेमाल से ही पूरा काम निकाल लिया।”








