
तेज गेंदबाज़ डेल स्टेन ने जहां तीन दिनों की दक्षिण अफ्रीका की दबदबे वाली क्रिकेट की तारीफ की, वहीं दिग्गज अनिल कुंबले ने सोमवार को गुवाहाटी टेस्ट में भारत की 288 रन की भारी बढ़त गंवाने के बाद भारतीय बल्लेबाज़ों की रणनीति पर सवाल उठाए।
लंबे कद वाले मार्को यानसन ने पहले दिन 93 रन ठोके, फिर दूसरे दिन 6/48 लेकर भारत को पहली पारी में महज़ 201 पर समेट दिया—उसी पिच पर जिसे कुलदीप यादव ने “रोड” कहा था।
कुंबले ने जियोस्टार पर कहा: “मुझे लगता है कि भारत की बल्लेबाज़ी बहुत खराब रही। टेस्ट क्रिकेट में जो धैर्य और लगन चाहिए, वो नजर ही नहीं आया। हाँ, कुछ गेंदें वाकई अच्छी थीं, लेकिन बल्लेबाज़ मुश्किल स्पेल झेलने या एक-एक सत्र खेलकर आगे बढ़ने के लिए तैयार नहीं दिखे।”
कुंबले ने आगे कहा: “ऐसा लग रहा था जैसे भारत जल्दी रन बनाना चाहता था, जबकि टेस्ट मैच में 489 रन जैसे लक्ष्य धीरे-धीरे बनते हैं। विपक्षी गेंदबाज़ों और उनके स्पेल का सम्मान करना पड़ता है, लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ों ने वह जज़्बा नहीं दिखाया।”
उन्होंने यानसन की जमकर तारीफ की— “यानसन ने जब बाउंसर डालना शुरू किया— जो उसकी हाइट और लेंथ के कारण और भी मुश्किल हो जाता है— उसके लिए भारत पूरी तरह तैयार नहीं था, न छोड़ने के लिए, न झेलने के लिए।”
कुंबले ने साफ कहा: “टेस्ट क्रिकेट में ऐसे स्पेल झेलना ही असली परीक्षा होती है, लेकिन आज भारत ने वही गलती की।”
पूर्व दक्षिण अफ्रीकी तेज़ गेंदबाज़ डेल स्टेन ने भी कहा कि भारत में किसी विदेशी टीम को तीन दिनों तक पूरी तरह हावी होते देखना “बहुत दुर्लभ” है।
स्टेन ने कहा: “गुवाहाटी की परिस्थितियों में दक्षिण अफ्रीका की रणनीति और एक्सीक्यूशन भारत से बेहतर रहा।”
तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर दक्षिण अफ्रीका दूसरी पारी में 26/0 पर थी और उनकी कुल बढ़त 314 रन की हो चुकी थी।
भारत ने दिन की शुरुआत 9/0 से की थी। राहुल (22) को केशव महाराज ने आउट किया और वहीं से गिरावट शुरू हो गई।
जायसवाल (58) को साइमन हार्मर ने अतिरिक्त उछाल पर आउट किया
ध्रुव जुरेल 0 (11) पर पुल शॉट खेलकर आउट हो गए
साई सुदर्शन ऊँचा शॉट खेलकर आउट हुए
और कप्तान ऋषभ पंत का लापरवाह शॉट तो सबसे अधिक आलोचना का कारण बना।
कुंबले बोले: “यानसन की स्पीड और बाउंस ने भारतीय बल्लेबाज़ों को हिला दिया। नीचे के क्रम में वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप में जो जज़्बा दिखा, वह ऊपर के बल्लेबाज़ों में गायब था।”
स्टेन ने कहा: “टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला बिल्कुल सही था। उसके बाद हर फैसला—चाहे बल्लेबाज़ी हो या गेंदबाज़ों का इस्तेमाल— सटीक रहा।”
बवुमा के फॉलोऑन न देने के फैसले को भी स्टेन ने सही बताया: “पिच के आखिरी घँटों में बल्लेबाज़ी मुश्किल थी। अगले दिन बेहतर परिस्थितियों में खेलना समझदारी थी।”
दक्षिण अफ्रीका ने भारत में पिछली बार 2000 में टेस्ट सीरीज़ जीती थी—अब वे 24 साल बाद इतिहास दोहराने के बेहद करीब हैं।








