
पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी न्यूज़ीलैंड की टीम 12.1 ओवर में 84 रन पर 6 विकेट खोकर मुश्किल में फंस गई थी। मिडिल ऑर्डर के ढहने के बाद हालात बेहद खराब थे। लेकिन कप्तान मिशेल सैंटनर (26 गेंदों में 47 रन) और कोल मैककॉन्ची (23 गेंदों में नाबाद 31 रन) ने साझेदारी कर टीम को 20 ओवर में 168/7 तक पहुंचाया।
मैच के बाद सैंटनर ने कहा कि जिस तरह पिच पर उम्मीद से ज्यादा स्पिन मिल रही थी, उस हिसाब से 160 से ऊपर का स्कोर “पर्याप्त” था। जवाब में श्रीलंका की टीम लड़खड़ा गई और रचिन रवींद्र की चार विकेट की बदौलत 20 ओवर में 107/8 पर सिमट गई। न्यूज़ीलैंड ने 61 रन से जीत दर्ज कर श्रीलंका को टी20 विश्व कप 2026 से बाहर कर दिया।
पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में सैंटनर ने कहा, “गेंद पर जितनी स्पिन थी, उस हिसाब से यह अच्छा स्कोर था। उन्होंने हमें काफी दबाव में रखा।”
उन्होंने आगे कहा, “बल्लेबाज़ों को टॉप ऑर्डर में थोड़ी जिम्मेदारी लेनी होगी। हम हर मैच में एक-दो बल्लेबाज़ों पर निर्भर नहीं रह सकते। सभी बल्लेबाज़ों को सकारात्मक विकल्प चुनना होगा।”
सैंटनर ने स्वीकार किया कि 84 रन पर तीन विकेट गिरना आदर्श स्थिति नहीं थी।
“हमने 84 पर तीन विकेट गंवाए, जो सही नहीं था। लेकिन हम जितनी देर टिके रह सकते थे, उतना अच्छा था। मैं और कोल सोच रहे थे कि पहले 140 तक पहुंचें, फिर आखिरी दो-तीन ओवर में तेजी लाएं। वहां से 160 तक पहुंचना बुरा नहीं था।”
उन्होंने कहा कि बल्लेबाज़ी के दौरान गेंद उम्मीद से ज्यादा घूम रही थी। अंतिम चार ओवर में दोनों ने 70 रन जोड़े, जिसने मैच का रुख बदल दिया।
“पिच देखने में अच्छी लग रही थी, लेकिन जितना हमने सोचा था, उससे ज्यादा टर्न मिल रही थी। बड़े मैदान पर स्पिनर अपनी लेंथ कंट्रोल कर सकते हैं, और गेंद अंदर आती है तो बल्लेबाज़ के लिए शॉट खेलना मुश्किल हो जाता है।”
अब न्यूज़ीलैंड का अगला मुकाबला शुक्रवार को उसी मैदान पर पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी इंग्लैंड से होगा। सैंटनर को वहां भी इसी तरह की परिस्थितियों की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, “इंग्लैंड बेहतरीन टीम है, यह हम जानते हैं। हमारे लिए जल्दी वापसी है। देखना होगा पिच कैसी रहती है। अगर ऐसी ही रही तो फिर एक और कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।”








