पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद ने भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइज़ी के साथ द हंड्रेड में साइन होने के बाद हो रही आलोचना को लेकर यह कहा!

अबरार, जो फिलहाल आईसीसी गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं, उन्हें आगामी द हंड्रेड टूर्नामेंट के लिए सनराइजर्स लीड्स ने £190,000 (करीब 2.3 करोड़ रुपये) में खरीदा है। यही फ्रेंचाइज़ी आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद और SA20 में सनराइजर्स ईस्टर्न केप की भी मालिक है।

इस साइनिंग के बाद भारत में काफी विरोध देखने को मिला। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने एक अखबार में लिखा कि यह साइनिंग “अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय सैनिकों और नागरिकों की मौत में योगदान देती है।” हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार अबरार इन प्रतिक्रियाओं से बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और अबरार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले को इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और फ्रेंचाइज़ी के बीच का विषय माना जा रहा है, इसलिए कोई चिंता की बात नहीं है।

सूत्रों ने कहा, “अबरार की साइनिंग पर शोर होना अपेक्षित था, लेकिन वह इस विवाद को लेकर बिल्कुल भी परेशान नहीं हैं।”

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अबरार ने द हंड्रेड के लिए खुद को रजिस्टर किया था क्योंकि वह दुनिया भर की लीग्स में खेलने के लिए तैयार हैं और उन्हें टी20I रैंकिंग में टॉप तीन गेंदबाजों में होने के आधार पर चुना गया, जो पूरी तरह से सही है।

सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल विट्टोरी ने अबरार को इस साइनिंग की जानकारी दी और उन्हें संपर्क में रहने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार रहने को कहा।

विट्टोरी ने पहले बताया था कि जब टीम इंग्लैंड के स्पिनर आदिल राशिद को नहीं खरीद पाई, तो अबरार अहमद स्पिन विभाग को मजबूत करने के लिए सबसे बेहतर विकल्प बनकर सामने आए।

उन्होंने कहा, “जब हम आदिल राशिद को नहीं ले पाए, जो हमारी पहली पसंद थे, तब हमने विदेशी स्पिनर की तरफ ध्यान दिया। हमारे पास चार-पांच विकल्प थे, जिनमें अबरार भी शामिल थे। उन्हें टीम में शामिल कर हम बहुत खुश हैं।”

द हंड्रेड की नीलामी से पहले ऐसी खबरें आई थीं कि आईपीएल फ्रेंचाइज़ी पाकिस्तान के खिलाड़ियों को नहीं चुनेंगी। इस पर इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ियों ने आलोचना की और ECB से हस्तक्षेप करने की मांग की। इसके बाद ECB और सभी फ्रेंचाइज़ियों ने बयान जारी कर कहा कि नीलामी में राष्ट्रीयता के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के खिलाड़ी आईपीएल में बैन हैं और उन्होंने केवल 2008 के पहले सीजन में हिस्सा लिया था। 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद 2009 से उन्हें आईपीएल में नहीं चुना गया और यह सिलसिला आज तक जारी है।

पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते और भी खराब हो गए थे।