युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की तुलना ‘टर्मिनेटर’ से की, बोले- भारतीय बल्लेबाजी का अगला दौर तैयार है!

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने निडर भारतीय बल्लेबाजों के विकास को समझाने के लिए हॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘टर्मिनेटर’ और उसके अलग-अलग संस्करणों का दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने खुद, अभिषेक शर्मा और युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की तुलना फिल्म के अलग-अलग “टर्मिनेटर” संस्करणों से की।

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अभिषेक शर्मा को ट्रेनिंग दी है, का मानना है कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी आक्रामक बल्लेबाजी के विकास का अगला चरण हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह वैभव के साथ भी काम करना चाहेंगे।

जियोहॉटस्टार से बातचीत में युवराज ने कहा, “मैं हमेशा खुद को टर्मिनेटर कहता हूं। अब टर्मिनेटर-4 है अभिषेक शर्मा, जो मुझसे चार गुना बेहतर है। और उसके बाद आता है टर्मिनेटर-6, वैभव सूर्यवंशी, जिसने इस खेल को और आगे बढ़ाया है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपने समय में अपना काम किया, अभिषेक ने उसे अगले स्तर पर पहुंचाया और अब वैभव नए मानक स्थापित कर रहा है। यह उसी सफर का तीसरा चरण है। खेल को इस तरह विकसित होते देखना बहुत अच्छा लगता है।”

युवराज ने यह भी बताया कि उन्होंने विंबलडन पुरुष एकल फाइनल अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी के साथ बैठकर देखा।

उन्होंने कहा, “जब मैं (यानिक) सिनर और (कार्लोस) अल्काराज़ को खेलते देखता हूं, तो महसूस करता हूं कि टेनिस कैसे बदल रहा है। मुझे भारतीय क्रिकेट में भी यही बदलाव अभिषेक और वैभव में दिखाई देता है। मैंने अभिषेक के साथ काफी समय बिताकर उसे ट्रेनिंग दी है और मैं वैभव के साथ भी समय बिताना चाहूंगा। उसके सामने शानदार करियर है। वह एक गंभीर खिलाड़ी बन रहा है और मुझे पूरा विश्वास है कि वह बहुत आगे जाएगा।”

वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि युवराज सिंह से उन्हें सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि खेल के मानसिक पहलुओं के बारे में भी बहुत कुछ सीखने को मिला।

उन्होंने कहा, “युवी पाजी मेरे भी आदर्श हैं। उनसे पहली बार मिलना मेरे लिए बेहद खास पल था। मुझे उनके साथ समय बिताने का मौका मिला और उन्होंने खेल को लेकर कई अहम बातें साझा कीं।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने मुझे खेल के मानसिक पक्ष, दबाव को संभालने के तरीके और खुद पर विश्वास रखने के महत्व के बारे में बताया। उनके जैसे महान खिलाड़ी से इतना कुछ सीखना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह मेरे करियर में आगे काफी मदद करेगा।”

वहीं, युवराज सिंह के मार्गदर्शन में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे अभिषेक शर्मा ने कहा कि वह वैभव की भावनाओं को अच्छी तरह समझ सकते हैं।

अभिषेक ने कहा, “मैं महसूस कर सकता हूं कि इस समय वैभव क्या महसूस कर रहा होगा, क्योंकि युवी पाजी मेरे भी आदर्श हैं। मुझे याद है जब मैं उनसे पहली बार मिला था, तब मेरी भी बिल्कुल ऐसी ही भावना थी जैसी आज वैभव की है।”

उन्होंने आगे कहा, “अपने पहले विंबलडन का फाइनल देखना, वह भी युवी पाजी और वैभव के साथ, मेरे लिए बेहद खास दिन है।”