विदेशी परिस्थितियों में संघर्ष से उबरने की चुनौती, भारत को तेजी से ढलने की जरूरत: रयान टेन डोशेट!

भारत के सहायक कोच रयान टेन डोशेट के अनुसार, मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती विदेशी परिस्थितियों में “उम्मीद से कम प्रदर्शन करने वाली टीम” की छवि को बदलना और अलग-अलग हालात में जल्दी खुद को ढालना सीखना है।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम इंग्लैंड में संघर्ष करती नजर आई। इससे पहले टीम को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भी करारी हार झेलनी पड़ी थी। गुरुवार को ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली।

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में टेन डोशेट ने कहा, “हमने एडॉप्टेबिलिटी को लेकर काफी बात की है। यह कहना आसान है कि हमें परिस्थितियों के अनुसार ढलना होगा, लेकिन अब समय आ गया है कि हमें इस प्रक्रिया को समझना होगा कि इन बदलावों को करने के लिए वास्तव में क्या जरूरी है।”

उन्होंने आगे कहा, “मनोवैज्ञानिक और मानसिक रूप से टीम के लिए चुनौती यह स्वीकार करना है कि हम विदेशी परिस्थितियों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। खिलाड़ियों को यह समझना होगा कि दो साल बाद ऑस्ट्रेलिया में हमारे सामने एक बड़ा लक्ष्य है।”

“क्या हम ऐसी टीम बनना चाहते हैं जो भारत में 250 रन बनाकर ईडन गार्डन्स में 80 मीटर के छक्के लगाकर शानदार दिखे, या हम मैनचेस्टर, साउथैम्पटन और आगे चलकर MCG जैसी जगहों पर भी सफल होना चाहते हैं, जहां परिस्थितियां अलग होती हैं? क्या हमारे पास उन बदलावों को अपनाने की मानसिकता है? यही असली मानसिक चुनौती है और खिलाड़ियों को इसे स्वीकार करना होगा।”

साल के ज्यादातर समय सपाट भारतीय पिचों पर खेलने के बाद भारतीय बल्लेबाज आयरलैंड और इंग्लैंड की सीम और स्विंग वाली परिस्थितियों में संघर्ष करते दिखे। टेन डोशेट ने कहा कि विदेशी पिचों पर सफलता के लिए जल्दी बदलाव करना जरूरी है।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी की। हमने इस बारे में काफी बात की है कि भारत में जो तरीका काम करता है, जरूरी नहीं कि यहां भी वही काम करे, लेकिन हम उस बदलाव को पूरी तरह लागू नहीं कर पाए।”

“तीनों विकेट थोड़े धीमे थे और उनमें थोड़ा अतिरिक्त उछाल था। आप उसी तरीके से नहीं खेल सकते। हम इस पर काम कर रहे हैं, लेकिन यह भी सच है कि हमारा प्रदर्शन बेहद खराब रहा है।”

टेन डोशेट ने इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया कि कप्तान श्रेयस अय्यर, जो टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं थे, इस दौरे पर लगातार रन बनाने वाले इकलौते बल्लेबाज रहे हैं।

उन्होंने कहा, “इनमें से ज्यादातर खिलाड़ी चार महीने पहले वर्ल्ड कप जीत चुके हैं और जो खिलाड़ी उस टीम में नहीं था (श्रेयस अय्यर), वही इस समय खूब रन बना रहा है। प्रदर्शन निराशाजनक जरूर रहा है, लेकिन हमें इन मैचों से सीख लेकर खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना होगा।”

कोच के मुताबिक श्रेयस बल्ले से आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन उन्हें एक बेहतर कप्तान बनने के लिए समय और समर्थन की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “श्रेयस उन खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने क्रीज का इस्तेमाल करना सीखा है और इन परिस्थितियों में इसी तरह खेलना होता है। उन्होंने तीनों पारियों में बहुत अच्छी बल्लेबाजी की है। लेकिन खिलाड़ियों को यह स्वीकार करना होगा कि चीजें सही नहीं जा रहीं और सामने मौजूद सबूतों से सीखना होगा।”

“श्रेयस एक शानदार लीडर हैं। अगर आप दो साल बाद ऑस्ट्रेलिया को ध्यान में रख रहे हैं तो कुछ मुश्किल फैसले लेने होंगे। आयरलैंड में दो हार और इंग्लैंड में 3-0 से पीछे होने के बाद नए कप्तान को लेकर तुरंत आलोचना होना स्वाभाविक है, लेकिन चीजों को वास्तविक नजरिए से देखना जरूरी है।”

टेन डोशेट ने साफ किया कि हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह की वापसी के बाद टी20 टीम में बदलाव नजर आएगा।

उन्होंने कहा, “हमने टीम में कुछ बदलाव किए हैं। हार्दिक और जसप्रीत टीम में बड़ा फर्क लाते हैं। हमारे पास अलग तरह की टीम और अलग विकल्प हैं। हमें श्रेयस को इस भूमिका में विकसित होने का समय देना होगा और खिलाड़ियों को भी उनकी कप्तानी शैली के अनुसार ढलना होगा। उन्होंने बल्ले से आगे रहकर अच्छी शुरुआत की है और मुझे लगता है कि कप्तान के तौर पर उन्हें इसका फल मिलेगा।”

डच मूल के कोच ने यह भी माना कि व्यस्त कार्यक्रम के कारण भारत को इस दौरे की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।

उन्होंने कहा, “आदर्श स्थिति में आप किसी सीरीज के लिए ज्यादा लंबी तैयारी करना चाहते हैं, लेकिन हम भारत में सीरीज खेलकर आए थे। वर्ल्ड कप, IPL और अफगानिस्तान सीरीज के बाद खिलाड़ियों को थोड़ा समय घर पर देना भी जरूरी था। यहां आकर सिर्फ चार-पांच दिन की तैयारी आदर्श नहीं थी।”

उन्होंने आगे कहा, “अलग परिस्थितियों के लिए तैयारी बेहद जरूरी है। मानसिक रूप से आपको बदलाव के लिए तैयार रहना होगा। जो चीज एक जगह काम करती है, जरूरी नहीं कि दूसरी जगह भी करे। आपको इन बदलावों को पिछले 2-3 हफ्तों की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से अपनाना होगा।”

भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां और आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला शनिवार को साउथैम्पटन में खेला जाएगा।

Previous articleबिग बैश लीग रचेगी इतिहास, भारत में होगा सीजन का पहला मुकाबला!
Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।